कल्पना कीजिए, एक ऐसी विशालता जो आस्था की हर सीमा को पार कर जाए, एक ऐसा स्वरूप जो अपने आप में भक्ति का महासागर समेटे हो। बिहार की धरती पर ऐसा ही एक विस्मयकारी दृश्य साकार हुआ है। World’s Largest Shivling: बिहार के गोपालगंज में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग पहुंच चुका है, जिसके स्वागत में पूरा जिला उमड़ पड़ा। यह सिर्फ एक पत्थर नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की श्रद्धा और शिल्प कला का बेजोड़ संगम है।
गोपालगंज में World’s Largest Shivling: श्रद्धालुओं ने किया जोरदार स्वागत
गुरुवार को जैसे ही यह विशालकाय शिवलिंग गोपालगंज जिले की सीमा में दाखिल हुआ, श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। सड़क के दोनों ओर कतारबद्ध खड़े लोगों ने फूलमालाएं अर्पित कर और दीप जलाकर महादेव का अभिनंदन किया। इस दौरान हर चेहरे पर एक अद्भुत उत्साह और भक्ति का भाव साफ देखा जा सकता था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह शिवलिंग सामान्य नहीं है। इसे 96 चक्कों वाले एक विशेष ट्रक पर लादकर लाया गया है, जो अपने आप में एक इंजीनियरिंग का अजूबा है। इस शिवलिंग का आकार और वजन दोनों ही इसे अद्वितीय बनाते हैं, और इसके साथ जुड़ा धार्मिक महत्व इसे और भी खास बना देता है। इसके दर्शन मात्र से ही कई लोगों को आत्मिक शांति का अनुभव हुआ।
इस विशाल शिवलिंग की यात्रा और इसके आगमन ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह की एक नई लहर पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे ऐतिहासिक पल उनके जीवन में सौभाग्य लेकर आते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
शिवलिंग की खासियत और आगे की यात्रा
इस शिवलिंग की स्थापना बिहार के केसरिया में की जानी है, जहां एक भव्य मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। यह शिवलिंग पूरी तरह से तैयार होने के बाद, संभवतः सबसे ऊंचे और बड़े शिवलिंगों में से एक होगा। इसके निर्माण में कई महीनों का समय लगा है और इसे खास कारीगरों द्वारा तैयार किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
शिवलिंग के गोपालगंज पहुंचने पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय प्रशासन और गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। यह घटनाक्रम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को भी मजबूत करता है। ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और भक्ति का संदेश प्रवाहित होता है।
गोपालगंज से आगे यह शिवलिंग अपनी मंजिल की ओर बढ़ेगा, और इसकी हर पड़ाव पर इसी तरह भव्य स्वागत की उम्मीद है। यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था का महाप्रवाह है, जो लाखों हृदयों को शिव भक्ति से सराबोर कर रहा है। यह दृश्य अपने आप में एक असाधारण अनुभव प्रदान करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




