back to top
⮜ शहर चुनें
जनवरी, 7, 2026

महाभारत विदुर नीति: जीवन के गूढ़ रहस्य और आयु क्षय करने वाले दोष

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Mahabharata Vidur Niti: प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में श्रीमद्भागवत गीता के पश्चात् विदुर नीति को जीवन दर्शन का अमूल्य ग्रंथ माना जाता है, जो मनुष्य को धर्म, न्याय और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

- Advertisement -

# महाभारत विदुर नीति: जीवन के गूढ़ रहस्य और आयु क्षय करने वाले दोष

- Advertisement -

## महाभारत विदुर नीति के अनुसार आयु घटाने वाले प्रमुख दोष

- Advertisement -

महाभारत के युद्ध के समय महात्मा विदुर ने महाराज धृतराष्ट्र को जो सारगर्भित उपदेश दिए, वे आज भी प्रासंगिक हैं। ये उपदेश मनुष्य के जीवन से जुड़े गहरे रहस्यों को उजागर करते हैं और उसे सही मार्ग दिखाते हैं। विदुर नीति केवल राजनीतिक सिद्धांतों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक प्रकार की गहन नैतिक शिक्षा है जो व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के हर पहलू को स्पर्श करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसमें अभिमान, क्रोध और स्वार्थ जैसे दोषों का स्पष्ट वर्णन मिलता है, जो किस प्रकार व्यक्ति की आयु को धीरे-धीरे नष्ट करते हैं।

महात्मा विदुर ने बताया है कि मनुष्य के भीतर पनपने वाले कुछ अवगुण उसकी जीवनशक्ति को क्षीण करते चले जाते हैं। अभिमान, क्रोध और स्वार्थ ये ऐसे प्रमुख दोष हैं, जो व्यक्ति की मानसिक शांति भंग करते हैं और उसे पतन की ओर ले जाते हैं। अभिमान मनुष्य को सत्य से दूर करता है, उसे अहंकार के दलदल में फंसाकर उचित-अनुचित का भेद भूला देता है। क्रोधाग्नि स्वयं को और दूसरों को जलाती है, जिससे संबंध टूटते हैं और मन अशांत रहता है। वहीं, स्वार्थ व्यक्ति को संकीर्ण बनाता है, वह केवल अपने हित साधने में लग जाता है और दूसरों की पीड़ा को अनदेखा करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

इन तीनों दोषों के कारण मनुष्य निरंतर तनाव, चिंता और नकारात्मकता से घिरा रहता है। यह मानसिक अशांति सीधे तौर पर उसके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। आयु का अर्थ केवल वर्षों की संख्या नहीं है, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता, सुख और शांति से भी संबंधित है। जब व्यक्ति इन दोषों के वशीभूत होकर जीता है, तो उसका जीवन असंतुलित हो जाता है, जिससे वह अल्पायु या अस्वस्थ जीवन व्यतीत करने लगता है। विदुर नीति हमें इन दुर्गुणों से बचने और एक संतुलित, शांत जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

विदुर नीति का सार यही है कि मनुष्य को अपने भीतर झांककर इन नकारात्मक प्रवृत्तियों को पहचानना चाहिए और इन्हें त्यागने का प्रयास करना चाहिए। सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति दीर्घायु और सुखमय जीवन प्राप्त कर सकता है। मन को शांत और निर्मल रखने से ही जीवन में वास्तविक आनंद की अनुभूति होती है। इसलिए, इन दोषों का त्याग कर सद्गुणों को अपनाना ही बुद्धिमानी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/dharm-adhyatm/

यह भी पढ़ें:  मकर संक्रांति 2026: तिल के इन उपायों से पाएं शनि-पितृ दोष से मुक्ति
- Advertisement -

जरूर पढ़ें

डेजी शाह का फूटा गुस्सा: जब पटाखों ने लगा दी आग!

Daisy Shah News: Daisy Shah News: बॉलीवुड में अपनी खास पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस डेजी...

Drishyam 3: बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने आ रही ‘दृश्यम 3’, जानिए कब होगी रिलीज!

Drishyam 3 News: सिनेमाई पर्दे पर सस्पेंस और ड्रामा का ऐसा जादू चलाने वाली...

सस्ता Crude Oil: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए खुशखबरी या महज एक उम्मीद?

Crude Oil: वैश्विक भू-राजनीति में हो रहे बड़े बदलाव अब कमोडिटी बाजार पर सीधा...

Lokah Chapter 2: इस दिन होगी ‘महा-फिल्म’ की वापसी! जानिए शूटिंग से लेकर रिलीज तक का पूरा प्लान

Lokah Chapter 2 News: सिने प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाली 'लोकाह चैप्टर...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें