Makar Sankranti 2026: आध्यात्मिक ऊर्जा और नव-सृजन के पर्व मकर संक्रांति का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह वह पावन दिन है जब सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे उत्तरायण काल की शुरुआत माना जाता है। इस दिव्य संयोग पर स्नान, दान, और पुण्य कर्मों का विशेष फल प्राप्त होता है। यदि आपके जीवन में किसी प्रकार का ग्रह दोष व्याप्त है या घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास अनुभव हो रहा है, तो इस पवित्र दिन तिल के कुछ अचूक उपायों से इन समस्याओं का समाधान संभव है। इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से व्यक्ति को ग्रहों के दुष्प्रभाव से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति का संचार होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आइए जानते हैं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तिल से जुड़े कुछ ऐसे ही ज्योतिषीय उपायों के बारे में, जो आपको शनि दोष और पितृ दोष से राहत दिला सकते हैं।
मकर संक्रांति 2026: तिल के इन उपायों से पाएं शनि-पितृ दोष से मुक्ति
मकर संक्रांति 2026 पर करें ये चमत्कारी तिल उपाय
मकर संक्रांति पर तिल के ये 4 उपाय अत्यंत प्रभावी माने गए हैं:
- शनि दोष से मुक्ति के लिए: मकर संक्रांति के दिन प्रातः काल स्नान के पश्चात काले तिल, गुड़ और सरसों का तेल किसी लोहे के बर्तन में रखकर शनि देव के मंदिर में अर्पित करें। साथ ही, “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें। तिल का दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और उनकी कुदृष्टि से राहत मिलती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- पितृ दोष शांति हेतु: यदि कुंडली में पितृ दोष हो, तो मकर संक्रांति पर किसी पवित्र नदी में स्नान करने के बाद जल में काले तिल मिलाकर पितरों को तर्पण करें। इसके अतिरिक्त, किसी ब्राह्मण को काले तिल, कम्बल और खिचड़ी का दान करना भी अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।
- नकारात्मक ऊर्जा के निवारण के लिए: अपने घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए, मकर संक्रांति के दिन स्नान करते समय पानी में थोड़ा सा काला तिल मिलाएं। ऐसा माना जाता है कि इससे शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। इस उपाय से किसी भी प्रकार के ग्रह दोष का प्रभाव कम होता है।
- स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए: उत्तम स्वास्थ्य और घर में धन-धान्य की वृद्धि के लिए मकर संक्रांति के दिन सफेद तिल का दान करें। तिल और गुड़ से बनी रेवड़ियां या लड्डू गाय को खिलाना भी बहुत पुण्य का कार्य माना जाता है। यह उपाय दरिद्रता दूर कर सुख-समृद्धि लाता है।
निष्कर्षतः मकर संक्रांति का पावन पर्व हमें प्रकृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। तिल के इन साधारण किंतु प्रभावी उपायों से हम न केवल अपने जीवन की बाधाओं को दूर कर सकते हैं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन किए गए दान और पुण्य कर्मों का फल कई गुना होकर वापस लौटता है। अतः श्रद्धापूर्वक इन उपायों को अपनाएं और सूर्यदेव तथा शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त करें।
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