

Farmer ID: प्रशासन का चाबुक चला तो कईयों की कुर्सियां हिल गईं। मधुबनी में सरकारी काम में लापरवाही बरतने वालों पर ऐसी कार्रवाई हुई है कि पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। मामला किसानों से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्य से जुड़ा है, जिसमें ढिलाई बरतने पर जिलाधिकारी ने कड़ा एक्शन लिया है।
Farmer ID निर्माण में कोताही पर गिरी गाज
मधुबनी जिले में किसान पहचान पत्र (Farmer ID) बनाने के काम में सुस्ती और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों और एजेंसियों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद जब काम में संतोषजनक प्रगति नहीं दिखी, तो जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकारी आदेशों की अवहेलना करने और किसानों के भविष्य से जुड़े काम में उदासीनता दिखाने के आरोप में जिले के पाँच कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालकों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। यह फैसला इन संचालकों द्वारा बरती जा रही गंभीर लापरवाही के कारण लिया गया।
इसके साथ ही, इसी मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक राजस्व कर्मचारी को भी निलंबित करने का निर्देश जारी किया गया है। जिला प्रशासन की इस दोहरी कार्रवाई से संबंधित विभागों और एजेंसियों में खलबली मची हुई है।
जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस मामले पर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़ी किसी भी योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि फॉर्मर आईडी निर्माण के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इसे समय पर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भविष्य में यदि कोई भी कर्मी या एजेंसी इस कार्य में कोताही बरतते हुए पाए गए, तो उनके खिलाफ और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
क्यों जरूरी है किसान पहचान पत्र?
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले के हर पात्र किसान का फॉर्मर आईडी जल्द से जल्द बनवाना है। यह पहचान पत्र किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर वे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न किसान-हितैषी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। फॉर्मर आईडी के बिना किसान कई सरकारी लाभों से वंचित रह सकते हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी किसानों को उनका हक समय पर मिले और योजनाओं का लाभ उन तक बिना किसी रुकावट के पहुंचे।






