
Bihar Police Suspension: बिहार में खाकी पर एक बार फिर दाग लगा है। जहां चुनाव के दौरान हथियारों की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस पर होता है, वहीं कटिहार से एक ऐसी खबर आई है जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बिहार के कटिहार में बिहार विधानसभा आम निर्वाचन-2025 के दौरान सहायक थाना में एक अनुज्ञप्तिधारी की लाइसेंसी पिस्टल गुम हो जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और चुनाव के दौरान हथियारों की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद थानाध्यक्ष सहायक थाना के उपनिरीक्षक आनंद कुमार सहित कुल तीन पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, अनुज्ञप्तिधारी चंद्रशेखर सिंह ने आगामी चुनावों को देखते हुए अपनी लाइसेंसी पिस्टल सहायक थाना में जमा करवाई थी, जैसा कि नियमों के तहत अपेक्षित था। चुनाव संपन्न होने के बाद जब चंद्रशेखर सिंह अपनी पिस्टल वापस लेने के लिए थाना पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनकी पिस्टल गायब है। इस चौंकाने वाली खबर के बाद उन्होंने तत्काल सहायक थाना में एक मामला दर्ज कराया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष और अन्य दो पुलिस पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था। प्राप्त स्पष्टीकरणों की गहन समीक्षा के बाद, उन्हें असंतोषजनक पाया गया। नतीजतन, सहायक थाना के थानाध्यक्ष आनंद कुमार को तत्काल उनके पद से हटा दिया गया है और उन्हें निलंबित भी कर दिया गया है। यह बिहार पुलिस सस्पेंशन चुनाव ड्यूटी में घोर लापरवाही का परिणाम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जांच का दायरा बढ़ा, आगे क्या होगा?
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में तीनों पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ एक विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इस जांच का उद्देश्य न केवल लापरवाही के सभी पहलुओं की पड़ताल करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना राज्य में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। चुनावी माहौल में हथियारों की सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही अक्षम्य है। इस मामले में आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







