Greater Noida Crime News: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से महाराष्ट्र पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी पहचान बनाकर 25 से अधिक महिलाओं को शादी का झांसा दिया। आरोपी अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी पर आरोप है कि उसने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। यह गिरफ्तारी एक बड़े वैवाहिक धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश करती है, जिसने कई महिलाओं की जिंदगी बर्बाद कर दी थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अनुजकुमार त्रिवेदी ने शारीरिक रूप से विकलांग, तलाकशुदा और अन्य असहाय महिलाओं को मुख्य रूप से अपना निशाना बनाया। वह इन महिलाओं की कमजोरियों का फायदा उठाकर उनसे शादी का वादा करता था और फिर उनकी जमापूंजी ऐंठ लेता था। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और पुलिस अब आरोपी के अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
कैसे बिछाया जाता था धोखाधड़ी का जाल?
अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी का धोखाधड़ी करने का तरीका बेहद शातिराना था। वह विभिन्न मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर कई फर्जी प्रोफाइल बनाता था। इन प्रोफाइलों में वह खुद को एक सफल व्यवसायी, उच्च शिक्षित या सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करता था। वह अलग-अलग छद्म नामों का उपयोग करता था, जिससे उसकी असली पहचान का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।
एक बार जब वह किसी महिला को अपने जाल में फंसा लेता था, तो वह उनसे भावनात्मक संबंध स्थापित करता था। कुछ समय बातचीत करने के बाद, वह शादी का प्रस्ताव रखता और फिर किसी न किसी बहाने से पैसे की मांग करने लगता था। कभी वह अपनी कंपनी में निवेश का बहाना बनाता, कभी किसी आपातकालीन स्थिति का हवाला देता, और कभी कहता कि उसे सरकारी नौकरी पाने के लिए ‘अधिकारी को पैसे देने’ हैं।
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करोड़ों की ठगी और संपत्तियों की जांच
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी अनुजकुमार ने कुल मिलाकर 25 से अधिक महिलाओं से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। ये महिलाएं महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों के अलावा अन्य राज्यों से भी थीं। प्रत्येक महिला से उसने अलग-अलग तरीकों से लाखों रुपये ठगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई। कई महिलाओं ने अपनी सारी जमापूंजी उसके नाम कर दी थी।
महाराष्ट्र पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसके बाद ग्रेटर नोएडा से अनुजकुमार को गिरफ्तार किया जा सका। इस गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपी के बैंक खातों और उसकी संपत्तियों की विस्तृत जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में कई अचल संपत्तियों और बैंक बैलेंस का खुलासा हुआ है, जो ठगी के पैसों से ही बनाए गए थे। Maharashtra Matrimony Fraud के ऐसे मामले पहले भी सामने आए हैं, लेकिन यह एक बड़े पैमाने पर की गई धोखाधड़ी है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है। यह दल आरोपी के सभी फर्जी प्रोफाइलों, बैंक ट्रांजैक्शन और उसने जिन महिलाओं को ठगा है, उनसे संपर्क स्थापित करने का काम कर रहा है। पुलिस का मानना है कि पीड़ितों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई महिलाएं बदनामी के डर से सामने नहीं आ पाती हैं। जांच अधिकारी ने जनता से अपील की है कि अगर किसी के साथ ऐसी धोखाधड़ी हुई है, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के पुलिस से संपर्क करें।
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यह मामला ऑनलाइन धोखाधड़ी और मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जीवाड़े के बढ़ते चलन को उजागर करता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे ऑनलाइन डेटिंग या मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म्स पर किसी पर भी आँख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति से वित्तीय लेनदेन करने से पहले उसकी पूरी पृष्ठभूमि की जांच करना आवश्यक है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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फिलहाल, अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी से पूछताछ जारी है और उम्मीद है कि इस जांच से इस तरह के अन्य गिरोहों का भी पर्दाफाश हो सकता है। यह गिरफ्तारी उन महिलाओं के लिए थोड़ी राहत लेकर आई है जो इस महाठग के जाल में फंसी थीं।







