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मार्च, 5, 2026
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Masik Shivratri 2026: जानिए साल की पहली मासिक शिवरात्रि की सही तिथि और पूजा विधि

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Masik Shivratri 2026: शिव भक्तों के लिए प्रत्येक माह आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। यह पावन पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है, जो भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है।

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Masik Shivratri 2026: जानिए साल की पहली मासिक शिवरात्रि की सही तिथि और पूजा विधि

प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि को लेकर कुछ भक्तों में तिथि को लेकर भ्रम है कि यह 16 जनवरी को है या 17 जनवरी को। धर्म ग्रंथों और पंचांग के अनुसार, पौष मास की मासिक शिवरात्रि 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि का आरंभ 16 जनवरी को सायंकाल 07:11 बजे से होगा और इसका समापन 17 जनवरी को सायंकाल 04:55 बजे होगा। शिवरात्रि की पूजा मुख्य रूप से निशिता काल यानी मध्यरात्रि में की जाती है, इसलिए 16 जनवरी की रात ही इस पवित्र Masik Shivratri 2026 की पूजा के लिए सर्वोत्तम रहेगी।

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Masik Shivratri 2026: शुभ मुहूर्त और महत्व

मासिक शिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की विधिवत शिव पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यह व्रत दुखों का नाश करने वाला और सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला माना जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और रात्रि के चारों प्रहर में शिव जी की पूजा करते हैं।

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मासिक शिवरात्रि व्रत और पूजा विधि

  • प्रातःकाल उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • अपने घर के मंदिर को साफ करें और पूजा का संकल्प लें।
  • एक लकड़ी की चौकी पर शिव-पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, सफेद पुष्प, अक्षत, चंदन, इत्र और जनेऊ अर्पित करें।
  • माता पार्वती को सिंदूर, बिंदी, लाल चुनरी और सुहाग का सामान चढ़ाएं।
  • शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
  • इसके बाद धूप-दीप जलाकर शिव चालीसा और शिव मंत्रों का जाप करें।
  • पूजा के बाद शिव आरती करें और सभी को प्रसाद वितरित करें।
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शिव मंत्र

ॐ नमः शिवाय॥

महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन शिव जी की पूजा करने से अविवाहितों को शीघ्र विवाह का आशीर्वाद मिलता है और विवाहितों का गृहस्थ जीवन सुखमय होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह व्रत करने से समस्त पापों का नाश होता है और भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

उपाय और महत्व

मासिक शिवरात्रि के दिन जो भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति से भगवान शिव की आराधना करते हैं, उनके जीवन से सभी बाधाएं दूर होती हैं। यदि कोई व्यक्ति आर्थिक संकटों से जूझ रहा है या किसी रोग से पीड़ित है, तो उसे मासिक शिवरात्रि का व्रत अवश्य करना चाहिए। इस दिन शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करने और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है। यह पावन पर्व जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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