Stock Market: वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। यह सिर्फ एक दिन की उछाल नहीं, बल्कि बाजार की विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को मजबूत बनाए रखने की क्षमता का प्रमाण है।
स्टॉक मार्केट में जबरदस्त उछाल: वैश्विक झटकों के बावजूद बाजार क्यों चढ़ा?
स्टॉक मार्केट की चमक: रिलायंस ने खींचा ध्यान
गुरुवार को हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 900 अंक की भारी बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी मजबूत बढ़त के साथ 24,750 के स्तर तक पहुंच गया। बाजार में इस शानदार तेजी के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने शीर्ष लाभार्थी के रूप में अपनी पहचान बनाई। कंपनी के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसने पूरे बाजार को एक ठोस सहारा दिया।

यह तेजी ऐसे समय में देखने को मिली है, जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है, और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। इसके बावजूद, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) और खुदरा निवेशकों की लगातार खरीदारी ने भारतीय बाजार को मजबूती प्रदान की है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दिखाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी सिद्धांतों पर भरोसा बरकरार है।
शुरुआती कारोबार में भी बाजार में उत्साह बना हुआ था। BSE सेंसेक्स 550.27 अंक उछलकर 79,666.46 के स्तर पर पहुंच गया था, वहीं निफ्टी 50 भी 171.45 अंक की बढ़त के साथ 24,651.95 पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स में शामिल प्रमुख कंपनियों में अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड (Adani Ports & SEZ), रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), एनटीपीसी (NTPC), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (Bharat Electronics), टाटा स्टील (Tata Steel) और लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro) के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।
दूसरी ओर, कुछ शेयरों को नुकसान भी उठाना पड़ा। एचसीएलटेक (HCLTech), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और एशियन पेंट्स (Asian Paints) के शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, हालांकि उनकी संख्या कम थी। इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 2.86 प्रतिशत की तेजी के साथ 83.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, फिर भी भारतीय बाजार ने इसका डटकर सामना किया।
बाजार के आंकड़ों पर गौर करें तो, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 8,752.65 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इसके विपरीत 12,068.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को एक मजबूत सहारा दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 1,122.66 अंक या 1.40 प्रतिशत गिरकर 79,116.19 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 385.20 अंक या 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,480.50 पर बंद हुआ था। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
आगे की राह: क्या कायम रहेगी यह रफ्तार?
मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय बाजार की यह लचीलापन सराहनीय है। विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू आर्थिक गतिविधियां और मजबूत कॉर्पोरेट आय बाजार को और ऊपर ले जा सकती हैं। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी होगी। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय बाजार अपनी यह रफ्तार कायम रख पाता है या नहीं। यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको हर पल की खबर देता है।







