
दरभंगा देशज टाइम्स। न्याय की राह में भले ही पीढ़ियां गुजर जाएं, लेकिन जब फैसला आता है तो उसकी गूंज दूर तक सुनाई देती है। कुछ ऐसा ही नजारा दरभंगा में देखने को मिला, जहां 50 साल पुराने एक विवाद पर आखिरकार न्याय का बुलडोजर चल ही गया। Darbhanga News: लहेरियासराय थाना क्षेत्र स्थित पोस्ट ऑफिस के पास रविवार को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद नगर निगम की चार दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कानूनी लड़ाई को एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों ने लड़ा, जिसके बाद आखिरकार उन्हें अपनी जमीन पर दखल मिला।
Darbhanga News: जानिए क्या है 50 साल पुराना यह विवाद
यह पूरा मामला वर्ष 1976 में शुरू हुआ था, जब नगर निगम इन दुकानों का निर्माण करवा रहा था। उसी समय स्वर्गीय रामनाथ चौधरी ने रास्ते की जमीन को लेकर न्यायालय में एक वाद दायर किया था। उनके निधन के बाद उनके बेटे स्वर्गीय रविंद्र नारायण चौधरी ने इस केस को आगे बढ़ाया। दुर्भाग्यवश, उनका भी निधन हो गया, लेकिन परिवार ने हार नहीं मानी। अंततः, उनके पोते और अधिवक्ता केशव कुमार चौधरी ने इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाया और जीत हासिल की।
अधिवक्ता केशव कुमार चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि पटना उच्च न्यायालय ने वर्ष 1996 में ही इन दुकानों को तोड़कर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन नगर निगम इस आदेश का पालन नहीं कर पाया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब जाकर कोर्ट के आदेश का पालन हुआ और नगर निगम की दुकान संख्या 29, 30, 31, और 32 को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
दुकानदारों का विरोध और पुलिस की सख्त कार्रवाई
न्यायालय के इस फैसले और निगम की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय दुकानदार सुबह से ही लामबंद हो गए थे। भाजपा नेता अशोक नायक के नेतृत्व में दर्जनों दुकानदारों ने इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया। विरोध को देखते हुए लहेरियासराय टावर से लेकर चट्टी चौक तक की सभी दुकानें बंद कर दी गईं और दुकानदार धरना पर बैठ गए।
प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों की मांग थी कि निगम पहले उन्हें वैकल्पिक दुकान आवंटित करे, उसके बाद ही दुकानों को तोड़ा जाए। लेकिन मौके पर मौजूद अपर नगर आयुक्त, दरभंगा न्यायालय के नाजिर और भारी संख्या में पुलिस बल के अधिकारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह न्यायालय का आदेश है और इसे हर हाल में आज ही लागू करना है। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने विरोध कर रहे सभी लोगों को खदेड़ कर वहां से हटा दिया और पूरे इलाके में ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया। इसके बाद नगर निगम के दो बुलडोजरों ने लगभग 5-6 घंटे की मशक्कत के बाद चारों दुकानों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कार्रवाई के बाद जमीन को साफ कर याचिकाकर्ता के हवाले कर दिया गया।




