
Self Enumeration: जाले प्रखंड में घर-घर जाकर जनगणना जैसी प्रक्रिया शुरू तो हुई, लेकिन लगता है अधिकारियों ने होमवर्क नहीं किया। तकनीकी खामियों ने शिक्षकों को दौड़ा-दौड़ाकर परेशान कर दिया है, और ग्रामीणों का धैर्य भी अब जवाब दे रहा है।
जाले, दरभंगा। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने घर-घर जाकर सेल्फ एन्यूमरेशन (स्वयं गणना) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रतनपुर पंचायत के वार्ड संख्या 10 में इसकी शुरुआत इसी पंचायत के वार्ड 14 स्थित प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका रेखा कुमारी ने की। लेकिन शुरुआती दौर में ही इस कार्य में कई तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं, जिससे काम बार-बार बाधित हो रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Self Enumeration: लोकेशन ट्रैकिंग बनी सिरदर्द
कार्य के दौरान सबसे बड़ी परेशानी घर का लोकेशन दर्ज करने में आ रही है। लोकेशन ट्रैक करते ही प्रक्रिया अचानक बंद होकर फिर से शुरू हो जा रही थी। कई बार प्रयास के बाद गृहस्वामी का मोबाइल नंबर भी लॉक हो गया, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया संपन्न नहीं हो सकी। यह समस्या शिक्षकों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गई है।
इंटरनेट और लैंडमार्क की समस्या
शिक्षिका रेखा कुमारी ने बताया कि यह प्रक्रिया प्रतिदिन करनी है, लेकिन कई जगहों पर इंटरनेट की समस्या है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में लैंडमार्क (विशिष्ट स्थान) नहीं मिल पा रहा है, जिससे कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों को हर घर तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने इस स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इन तकनीकी दिक्कतों के समाधान के बिना शिक्षकों को क्षेत्र में भेजना उचित नहीं है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि पहले इन सभी खामियों को दूर किया जाए ताकि यह महत्वपूर्ण सेल्फ एन्यूमरेशन कार्य सुचारु रूप से चल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







