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मार्च, 13, 2026
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Bihar Dairy Scheme: बिहार के हर गांव-पंचायत तक पहुंचेगा सुधा दूध, होम डिलीवरी और मछली आउटलेट की तैयारी

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Bihar Dairy Scheme: कभी दूध की नदियां बहाने वाले बिहार में अब हर घर तक शुद्ध दूध पहुंचाने और मछुआरों को आत्मनिर्भर बनाने का सपना साकार हो रहा है। राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने का बीड़ा उठाया है।

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Bihar Dairy Scheme: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को हकीकत में बदलने की दिशा में बिहार सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। सात निश्चय–3 के तहत, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों के सुदृढ़ीकरण और विकास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य “हर गांव डीसीएस, हर पंचायत सुधा बिक्री केंद्र” की परिकल्पना को मजबूत करना था, ताकि राज्य के हर कोने तक गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

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बैठक में दूध की होम डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उसकी अवधारणा और संरचना पर विस्तार से चर्चा की गई। उपभोक्ताओं तक आसानी से और ताजा दुग्ध उत्पाद पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रिक कार्ट के माध्यम से होम डिलीवरी की योजना को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। यह कदम सुधा दूध को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित होगा और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने मंत्री सुरेन्द्र मेहता को सभी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर सशक्त बाजार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समिति (डीसीएस) का गठन किया जाएगा और प्रत्येक पंचायत में एक सुधा दूध बिक्री केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह पहल सीधे तौर पर किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचाएगी, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

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मत्स्य पालन में नवाचार और Fresh Catch आउटलेट

इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं को ताज़ी और गुणवत्तापूर्ण मछली उपलब्ध कराने के लिए “फ्रेश कैच” (Fresh Catch) नाम से फिश आउटलेट्स खोलने पर भी विचार किया गया। यह पहल Fisheries Development Bihar के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प देगी, बल्कि मत्स्य पालकों को भी एक सुनिश्चित बाजार प्रदान करेगी। मत्स्य पालकों को तकनीकी परामर्श और त्वरित समाधान उपलब्ध कराने हेतु मत्स्य चिकित्सक एवं मत्स्य टेलीमेडिसिन सेवाओं की शुरुआत का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया, जिससे इस क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीकों और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ, विशेष सचिव गीता सिंह, गव्य निदेशक केदारनाथ सिंह, निदेशक मत्स्य दिलीप कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी योजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रभावी ढंग से लागू की जाएं, ताकि ‘आत्मनिर्भर बिहार’ का लक्ष्य जल्द से जल्द प्राप्त किया जा सके। इस व्यापक रणनीति से बिहार के दुग्ध और मत्स्य पालन क्षेत्रों में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

अधिकारियों की उपस्थिति और भविष्य की रणनीति

यह बैठक राज्य सरकार की ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मिलकर एक रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से न केवल सुधा दूध के नेटवर्क का विस्तार होगा, बल्कि मत्स्य पालन क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुआ जाएगा। इससे लाखों किसानों और मछुआरों को सीधा लाभ मिलेगा, और बिहार की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

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