back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 13, 2026
spot_img

Jammu Kashmir Anti-Terrorism: गणतंत्र दिवस से पहले आतंकियों की कमर तोड़ने को तैयार सुरक्षा बल

spot_img
- Advertisement -

Jammu Kashmir Anti-Terrorism: जैसे कोई सर्द रात में अंगारों पर चलने को मजबूर हो, वैसे ही जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकवाद के ख़िलाफ़ निर्णायक मोर्चे पर डटा है। सुरक्षा बल दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी साजिश को पनपने से रोकने के लिए कमर कस चुके हैं।

- Advertisement -

Jammu Kashmir Anti-Terrorism: गणतंत्र दिवस से पहले आतंकियों की कमर तोड़ने को तैयार सुरक्षा बल

जम्मू कश्मीर एंटी-टेररिज्म: शहरों से जंगलों तक सघन तलाशी अभियान

Jammu Kashmir Anti-Terrorism: जैसे कोई सर्द रात में अंगारों पर चलने को मजबूर हो, वैसे ही जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकवाद के ख़िलाफ़ निर्णायक मोर्चे पर डटा है। सुरक्षा बल दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी साजिश को पनपने से रोकने के लिए कमर कस चुके हैं। जम्मू शहर से लेकर किश्तवाड़ और शोपियां तक चल रहे सघन तलाशी अभियानों ने आतंकियों की कमर तोड़ दी है और उनके मददगार तंत्र में खलबली मचा दी है।

- Advertisement -

जम्मू के बाहरी इलाकों – भाटिंडी, नारवाल और राजीव नगर में पुलिस और केंद्रीय बलों ने घर-घर तलाशी अभियान चलाया। गणतंत्र दिवस सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई बेहद सख्त और सुनियोजित रही। सीमा क्षेत्रों और राजमार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि राष्ट्र विरोधी ताकतों के लिए अब कोई नरमी नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Sidhu Moose Wala murder bail: सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में दो आरोपियों को मिली जमानत, Sidhu Moose Wala murder bail पर SC का अहम फैसला

किश्तवाड़ जिले के ऊंचाई वाले जंगलों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। चतरू क्षेत्र के सोनार और मंद्रल सिंहपोरा में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के बाद सेना ने अतिरिक्त जवान तैनात किए। ऑपरेशन त्राशी एक के तहत चल रहे इस अभियान में जवानों ने दुर्गम इलाकों में भी मोर्चा संभाले रखा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रविवार से शुरू हुई इस मुठभेड़ में एक वीर पैराट्रूपर शहीद हुआ और कई जवान घायल हुए, लेकिन अभियान रुका नहीं। आतंकियों द्वारा छिपकर किए गए ग्रेनेड हमले और लगातार गोलीबारी के बावजूद सुरक्षा बलों ने दबाव बनाए रखा।

मुठभेड़ स्थल के पास एक बड़ा आतंकी ठिकाना उजागर होना इस बात का प्रमाण है कि आतंकी संगठन गहरी साजिश के साथ इलाके में जड़ें जमाने की कोशिश कर रहे थे। खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि इस क्षेत्र में दो से तीन आतंकी सक्रिय हैं, जिनका संबंध सीमा पार बैठे आतंकी आकाओं से है। हाल ही में वहां फिर से गोलीबारी शुरू होना बताता है कि आतंकी घिर चुके हैं और बौखलाहट में हैं।

गणतंत्र दिवस से पहले विफल हुई बड़ी साजिश

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में भी सुरक्षा बलों की सतर्कता ने बड़ी अनहोनी टाल दी। अवनीरा गांव के एक बाग से लगभग छह किलो वजनी आईईडी बरामद कर उसे नियंत्रित विस्फोट में नष्ट कर दिया गया। यह साफ है कि गणतंत्र दिवस सुरक्षा के मद्देनजर आम लोगों को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

इसी बीच, कश्मीर में कुछ पत्रकारों को पुलिस द्वारा तलब किए जाने को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ संगठनों और दलों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों का रुख स्पष्ट है कि संवेदनशील माहौल में हर सूचना की जांच जरूरी है। देखा जाए तो जब आतंकवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा हो, तब अफवाह और अधूरी जानकारी भी हथियार बन सकती है।

यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: प्यार किया तो डरना क्या! दरभंगा की अनुष्का और मिर्ज़ापुर के अनुराग Love Marriage की दास्तां, मौत के साए में 4 महीने से जिंदगी... पढ़िए प्रेेमी जोड़े की अग्निपरीक्षा?

इसमें कोई दो राय नहीं कि दशकों तक आतंकवाद ने इस क्षेत्र को लहूलुहान किया, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने साफ कर दिया है कि वे पीछे नहीं हटेंगे और आतंक के हर ठिकाने को मिट्टी में मिला देंगे। कुछ लोग इन कार्रवाइयों पर सवाल उठाते हैं और मानवाधिकार या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दुहाई देते हैं। सवाल यह है कि जब निर्दोष नागरिकों की जान लेने के लिए आईईडी बागों में दफनाए जाएं, तब चुप्पी क्यों साध ली जाती है? राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और यह बात अब बिना किसी लाग लपेट के कहनी होगी।

यह भी पढ़ें:  PM Modi Assam Visit: असम में PM मोदी की चुनावी हुंकार, 47,600 करोड़ की परियोजनाओं का तोहफा, BJP की हैट्रिक पर नजर

भारत ने स्पष्ट नीति अपनाई है कि आतंकवाद और उससे जुड़े हर तंत्र को जड़ से खत्म किया जाएगा। कोई नरमी नहीं, कोई समझौता नहीं। यही आक्रामक और निर्णायक रुख आज की जरूरत है। गणतंत्र दिवस केवल एक समारोह नहीं, बल्कि उस संविधान का उत्सव है, जिसे आतंकवादी ताकतें बार-बार चुनौती देती रही हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों का हर कदम देश के आम नागरिक को भरोसा देता है कि भारत झुकने वाला नहीं है।

बहरहाल, कश्मीर में शांति का रास्ता आतंक के सफाए से होकर ही जाता है। जो लोग भ्रम फैलाते हैं, उन्हें भी यह समझना होगा कि राष्ट्रहित से बड़ा कोई तर्क नहीं। आज का भारत जाग चुका है और आतंकवाद के विरुद्ध उसकी पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

इंडियन बॉक्सिंग: जमशेदपुर के मुखी ब्रदर्स का दर्द, चार राष्ट्रीय पदक जीतने के बाद भी मुफलिसी में जिंदगी

Indian Boxing: खेल जगत में अक्सर ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं, जहां अथाह...

The Hundred Auction: अबरार अहमद पर 2.3 करोड़ का दांव, काव्या मारन पर भड़के फैंस, X अकाउंट सस्पेंड!

The Hundred Auction: क्रिकेट जगत में हलचल मचाने वाली एक खबर सामने आई है,...

Weekly Virgo Horoscope: साप्ताहिक कन्या राशिफल 15 से 21 मार्च 2026 का गहन ज्योतिषीय विश्लेषण

Weekly Virgo Horoscope: ब्रह्मांड की अनंत लीलाओं में ग्रहों की चाल, मनुष्य के जीवन...

मुमताज न्यूज़: दिग्गज अदाकारा ने इंटरफेथ मैरिज और बहुविवाह पर दिया बड़ा बयान!

Mumtaz News: 70 के दशक की दिग्गज अदाकारा मुमताज ने हाल ही में इंटरफेथ...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें