
Adani Power Plant Bihar: विकास की नई किरणें लेकर आता है हर बड़ा प्रोजेक्ट, पर कई बार संशय के बादल भी घेर लेते हैं। पीरपैंती में अदाणी समूह की ऊर्जा परियोजना को लेकर भी लोगों की उम्मीदें और चिंताएं दोनों थीं, लेकिन जन सुनवाई ने एक नई दिशा दी।
पीरपैंती में Adani Power Plant Bihar को हरी झंडी: ग्रामीणों ने चुना विकास का पथ
Adani Power Plant Bihar: पर्यावरण और रोजगार पर सहमति की मुहर
भागलपुर के पीरपैंती में अदाणी समूह द्वारा प्रस्तावित 2400 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना को लेकर आयोजित पर्यावरणीय जन सुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से अपनी सहमति प्रदान की है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में हुई इस सुनवाई ने क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिखने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

जन सुनवाई में उपस्थित हजारों ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि इस पावर प्लांट की स्थापना से पीरपैंती क्षेत्र में चौतरफा विकास होगा। उनका मानना है कि यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के असंख्य नए अवसर सृजित करेगी और युवाओं को काम की तलाश में अपने घरों को छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। यह केवल पीरपैंती ही नहीं, बल्कि संपूर्ण बिहार की औद्योगिक और आर्थिक उन्नति को गति देगा। यह क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भागलपुर के अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्राधिकारी शंभुनाथ झा ने इस महत्वपूर्ण जन सुनवाई की अध्यक्षता की। अदाणी समूह के वरीय पर्यावरण पदाधिकारी आर. एन. शुक्ला ने परियोजना से जुड़ी तकनीकी बारीकियों और पर्यावरण संरक्षण हेतु अपनाई जाने वाली विस्तृत योजनाओं को साझा किया। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी सवालों का समाधान किया।
ग्रामीणों ने विशेष रूप से पर्यावरण सुरक्षा, स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता देने और क्षेत्र में विकास कार्यों को सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई। परियोजना प्रबंधन की ओर से इन सभी बिन्दुओं पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया। इससे क्षेत्र में भागलपुर development की एक नई लहर आने की उम्मीद है, जहां स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
परियोजना का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
इस अवसर पर प्रमुख रश्मि कुमारी, मुखिया अरविन्द साह, पूर्व विधायक रामविलास पासवान, समाजसेवी मुन्ना सिंह, मुखिया संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार सिंह झुम्पा, संजीवनी गंगा के संस्थापक मो. अयाज, जमीनदाता सुशील सिंह, सरपंच बरुण गोस्वामी, ग्रामीण बबली कुमारी, सपना कुमारी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए और परियोजना का समर्थन किया। उन्होंने सामूहिक रूप से इस पहल को क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक बताया।
जन सुनवाई के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहलगांव के एसडीएम कृष्ण चंद्र गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार, सीओ चन्द्रशेखर कुमार, बीडीओ अभिमन्यु कुमार, एसएचओ नीरज कुमार, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी मनीष कुमार और एमओ रवि कुमार सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि सुनवाई शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह परियोजना न केवल ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में बिहार को आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



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