
Darbhanga News: जमीनी झगड़ों की पुरानी फांस पर जब सरकार का नया मरहम लगा, तो समाधान की उम्मीदें भी हरी हो गईं। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने दरभंगा में भूमि सुधार को लेकर जो खाका खींचा है, वो न केवल लालफीताशाही पर कड़ा प्रहार है, बल्कि आम आदमी को सीधे राहत देने का एक बड़ा वादा भी है।
Darbhanga News: जनसंवाद में उपमुख्यमंत्री ने गिनाए सुधारों के मील के पत्थर
दरभंगा के लहेरियासराय स्थित ऑडिटोरियम सह आर्ट गैलरी में आयोजित ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने जनता से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कोई भाषण का मंच नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ी आपकी समस्याओं को सुनकर उनका स्थायी समाधान निकालने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा, “बीमारी पुरानी है, लेकिन सही दवा के साथ इलाज शुरू हो चुका है। थोड़ा समय लगेगा, पर बीमारी जड़ से खत्म होगी।” मार्च तक व्यवस्था में सुधार का लक्ष्य रखा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यभार संभालने के बाद पहले 100 दिनों में ही प्रमंडल और जिला स्तर पर जनसंवाद करने का निर्णय लिया गया था। पटना से 12 दिसंबर को शुरू हुआ यह अभियान लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर और गया होते हुए अब दरभंगा पहुंचा है, ताकि जमीनी हकीकत का पता चल सके।
ऑनलाइन सेवाएं और तय समय-सीमा: अब नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर
अब आम लोगों को राहत देने के लिए हर अंचल कार्यालय में एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) स्थापित किया गया है, जहाँ प्रशिक्षित ऑपरेटर तय दरों पर ऑनलाइन सेवाएं देंगे। दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी जैसी प्रक्रियाओं के लिए सख्त समय-सीमा तय कर दी गई है। इससे राजस्व विभाग के काम में तेजी आएगी।
- परिमार्जन (सुधार): नाम, पिता का नाम जैसी सामान्य गलतियां 15 दिनों में, खाता-खेसरा जैसी तकनीकी त्रुटियां 35 दिनों में और जटिल मामले 75 दिनों में निपटाए जाएंगे।
- दाखिल-खारिज: बिना किसी आपत्ति वाले मामले अब केवल 14 दिनों में निष्पादित होंगे, पहले इसमें 35 दिन लगते थे।
- भूमि मापी: अविवादित भूमि की मापी 7 दिनों में, विवादित भूमि की 11 दिनों में और रिपोर्ट अपलोड करने की प्रक्रिया 14 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
पुलिस के हस्तक्षेप पर रोक, भ्रष्टाचार पर होगा सीधा प्रहार
उपमुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भूमि विवाद राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है, इसलिए पुलिस अब किसी भी परिस्थिति में दखल-कब्जा दिलाने या निर्माण कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। निर्देश का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पटना के मसौढ़ी और अररिया में राजस्व कर्मचारियों पर हुई त्वरित कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रही है। गलत काम करने वालों को सीधे बर्खास्त किया जाएगा।
इसके अलावा, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन के मामले दर्ज कराने वालों पर अब FIR दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस निर्देश के बाद अब तक दर्जनों मुकदमे दर्ज भी हो चुके हैं। SC-ST पर्चाधारियों को उनकी भूमि पर वास्तविक कब्जा दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ अभियान भी चलाया जा रहा है।
आम जनता के लिए विशेष सुविधाएं
सरकार ने कई नई सुविधाएं भी शुरू की हैं। पारिवारिक बंटवारा पोर्टल के माध्यम से अब सभी हिस्सेदारों का एक साथ दाखिल-खारिज हो सकेगा। 01 जनवरी से जमीन की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन ही मिलेगी। शहरी क्षेत्रों में वंशावली जारी करने की जिम्मेदारी भी अब अंचलाधिकारी को दी गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। शिकायतों के लिए एक कॉल सेंटर (1800-3456-215) भी काम कर रहा है, जिसे जन शिकायत पोर्टल से जोड़ा गया है।
पुरानी कैथी लिपि में लिखे दस्तावेजों को समझने में आने वाली समस्या को देखते हुए 29 विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया गया है, जो 220 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से दस्तावेजों का अनुवाद करेगा। राजस्व न्यायालयों को भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है, जहाँ अब आम नागरिक बिना वकील के भी अपनी पैरवी कर सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब देखना यह होगा कि उपमुख्यमंत्री के वादे जमीन पर कितना खरा उतरते हैं, Darbhanga News इस पर अपनी नजर बनाए रखेगा।


