Aurangabad News: सड़कें कभी-कभी उम्मीदों का नहीं, बल्कि परेशानियों का पुल बन जाती हैं। औरंगाबाद की जीवनरेखा कहे जाने वाले NH-19 पर लगा महाजाम इसका जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ गाड़ियां मीलों तक रेंग नहीं पा रहीं। औरंगाबाद जिले के डेहरी से बारुण तक, राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर पिछले 60 घंटों से एक भीषण ट्रैफिक जाम ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया है। गेमन पुल के सस्पेंशन जॉइंट की मरम्मत का काम चल रहा है, जिसके कारण यह विकट स्थिति उत्पन्न हुई है। मरम्मत कार्य के चलते नए गेमन पुल को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिससे वाहनों का सारा दबाव पुराने पुल पर आ गया है।
औरंगाबाद न्यूज़: NH-19 पर थम गया जनजीवन
हजारों वाहन, जिनमें यात्री बसें, निजी गाड़ियां और मालवाहक ट्रक शामिल हैं, कई किलोमीटर लंबी कतारों में फंसे हुए हैं। यात्रियों को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्थानीय प्रशासन इस समस्या से निपटने के लिए जूझ रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। यह स्थिति न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग 19 से गुजरने वाले सभी यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अनपेक्षित ठहराव ने क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, क्योंकि सामानों की आवाजाही ठप पड़ गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
कई चालकों ने बताया कि उन्हें 24 घंटे से अधिक समय से जाम में फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का कोई संकेत नहीं मिल रहा है। प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य तेजी से जारी है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन वर्तमान हालात देखकर ऐसा लग नहीं रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, प्रशासन पर सवाल
इस जाम के कारण स्कूली बच्चों, बीमार व्यक्तियों और दैनिक यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। डेहरी और बारुण के बीच का यह खंड, जो सामान्य दिनों में कुछ ही मिनटों का सफर होता है, अब घंटों या दिनों में बदल गया है। लोगों में स्थानीय प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियों के प्रति भारी रोष है, क्योंकि उनका मानना है कि मरम्मत कार्य की योजना ठीक से नहीं बनाई गई थी। पुलिसकर्मी लगातार ट्रैफिक को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वाहनों की विशाल संख्या और वैकल्पिक मार्गों की कमी के कारण वे भी बेबस नजर आ रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







