

Darbhanga News: दरभंगा की औद्योगिक फिजाओं में एक बार फिर मिठास घोलने की तैयारी तेज हो गई है। दशकों से बंद पड़ी रैयाम चीनी मिल के अच्छे दिन लौटने की उम्मीद जग गई है, क्योंकि जिला प्रशासन ने इस दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम उठाया है। शुक्रवार को समाहरणालय में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक ने इस बंद पड़ी औद्योगिक इकाई के पुनर्जीवन की पटकथा लिख दी है।
Darbhanga News: डीएम की बैठक में हुए ये अहम फैसले
जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षात्मक बैठक में रैयाम चीनी मिल से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला गन्ना पदाधिकारी, श्री पुष्कर राज ने मिल से संबंधित सभी बिंदुओं का क्रमवार ब्यौरा प्रस्तुत किया। लंबी चर्चा के बाद, डीएम कौशल कुमार ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जो मिल के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- जमीन की मापी का आदेश: अपर समाहर्ता (राजस्व) को रैयाम चीनी मिल की कुल भूमि की विधिवत मापी कराने का निर्देश दिया गया है ताकि जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
- केन फिजिबिलिटी रिपोर्ट होगी तैयार: संबंधित अधिकारी को एक केन फिजिबिलिटी रिपोर्ट (Cane Feasibility Report) तैयार करने को कहा गया है। इससे यह पता चलेगा कि क्षेत्र में एक नई मिल को चलाने के लिए पर्याप्त गन्ना उपलब्ध है या नहीं।
- डीपीआर बनाने की प्रक्रिया होगी शुरू: फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर ही नई चीनी मिल की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
- आपसी समन्वय पर जोर: जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया ताकि इस दिशा में तेजी से प्रगति हो सके।
क्या हैं इन निर्देशों के मायने?
प्रशासन के ये निर्देश महज एक सामान्य बैठक का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ये रैयाम में औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखने की पहली सीढ़ी हैं। केन फिजिबिलिटी रिपोर्ट यह तय करेगी कि क्या इस इलाके के किसान एक आधुनिक मिल की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त गन्ना उगा सकते हैं। रिपोर्ट सकारात्मक आने पर ही एक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का मार्ग प्रशस्त होगा, जो इस परियोजना का पूरा खाका होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व) श्री मनोज कुमार, जिला ईख अधिकारी श्री पुष्कर राज, और जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस बैठक के बाद इलाके के लोगों में एक नई उम्मीद जगी है कि शायद दशकों का इंतजार अब खत्म होगा और रैयाम की पहचान फिर से लौटेगी।


