

मृत्यु जब आती है तो यमराज भी रास्ता भटक जाते हैं, लेकिन जब जान बचनी हो तो जल में भी जीवन का किनारा मिल जाता है। शनिवार को बिहार के दरभंगा में कुछ ऐसा ही चमत्कार देखने को मिला। Darbhanga News: इंटर की परीक्षा देने जा रहे दस छात्र-छात्राओं के साथ उस वक्त एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब उनकी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर तालाब में जा गिरी।
Darbhanga News: ऐसे हुआ हादसा और बची जिंदगियां
विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के कटहलबाड़ी मोहल्ले में यह हृदय विदारक घटना हुई। दस छात्र-छात्राओं से भरी स्कॉर्पियो अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे गहरे तालाब में समा गई। हालाँकि, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, और इस खबर में राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार सभी परीक्षार्थी समय रहते फुर्ती से कूदकर बाहर निकल आए और उनकी जान सुरक्षित बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चालक के नियंत्रण खोने के कारण ही वाहन तालाब में समा गया। घटना को देखते ही स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। स्कॉर्पियो पूरी तरह से तालाब में डूब चुकी थी।
सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाना की पुलिस, अग्निशमन विभाग और नगर निगम की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। नगर निगम के ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से काफी मशक्कत के बाद डूबी हुई स्कॉर्पियो को तालाब से बाहर निकाला जा सका।
छात्रों के परिजन कमलेश कुमार यादव ने आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, बताया कि उनके दो बच्चे भी उसी स्कॉर्पियो में सवार थे। उन्होंने जानकारी दी कि केवटी प्रखंड के बुढ़िया गांव से दस छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इंटर की परीक्षा देने के लिए दरभंगा के एमएमटीएम कॉलेज आते थे। शनिवार को दूसरी पाली की परीक्षा देने के लिए जाते समय, गाड़ी बैक करते वक्त यह स्कॉर्पियो दुर्घटना हुई। कमलेश यादव ने बताया कि सूचना मिलने पर वे परीक्षा केंद्र पहुंचे, तब तक सभी बच्चे सुरक्षित परीक्षा देने के लिए हॉल में जा चुके थे।
स्थानीय वार्ड पार्षद मुकेश महासेठ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्कॉर्पियो तालाब में पूरी तरह डूब गई थी। पुलिस को सूचना देने के बाद नगर निगम की जेसीबी से वाहन को बाहर निकाला गया। सभी छात्र-छात्राएं सुरक्षित हैं और अपनी परीक्षा देने के लिए रवाना हो गए थे।
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बड़ा सवाल: छात्र परिवहन में सुरक्षा क्यों नहीं?
यह घटना एक बार फिर से छात्र परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अक्सर देखा जाता है कि दूर-दराज के इलाकों से आने वाले छात्र जोखिम भरे वाहनों में यात्रा करने को मजबूर होते हैं। प्रशासन और अभिभावकों को इस दिशा में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके और छात्रों की अमूल्य जिंदगियां सुरक्षित रहें। इस तरह की स्कॉर्पियो दुर्घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।



