



Rahul Gandhi Parliament: संसद की मर्यादा इन दिनों सवालों के घेरे में है, जहां पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार ने कामकाज पर विराम लगा दिया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर अड़ियल रवैया अपनाने और जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया है।
राहुल गांधी पार्लियामेंट: संसद में क्यों अड़े राहुल? चिराग पासवान ने बताया गतिरोध का असली सच
राहुल गांधी पार्लियामेंट: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसदीय आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके अड़ियल रवैये के कारण संसद का कामकाज बाधित हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी का यह रवैया एक पैटर्न बन गया है, जिससे सदन की गरिमा को ठेस पहुँच रही है और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों में बाधा आ रही है।
पासवान ने स्पष्ट किया कि विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, एक ही मुद्दे पर अड़ जाती है, जिससे अन्य विपक्षी सदस्यों को भी अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा, “यह एक उभरता हुआ पैटर्न है, जहां विपक्ष एक मुद्दा उठाता है और फिर सदन को चलने नहीं देता। जिस तरह से वे सदन को चलने नहीं दे रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि उन्हें वास्तव में कोई समस्या नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य केवल कार्यवाही को रोकना है।” उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इतने अड़ियल हो गए कि वे केवल एक ही मुद्दा उठाते रहे, जहां न तो वे खुद बोले और न ही उन्होंने किसी और को, यहां तक कि विपक्ष से भी, बोलने दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राहुल गांधी पार्लियामेंट: क्या है विपक्ष के गतिरोध का कारण?
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह गतिरोध केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संसद के लोकतांत्रिक स्वरूप को चुनौती दे रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि किस तरह बजट सत्र के दौरान भी यही स्थिति बनी रही, जिससे देश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा नहीं हो पाई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। पासवान ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुई एक अप्रिय घटना का जिक्र किया, जब कुछ विपक्षी सदस्यों ने प्रधानमंत्री की कुर्सी के पास आकर हंगामा किया था।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर चिंता और स्पीकर की चेतावनी
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) की अप्रकाशित पुस्तक से कुछ अंश उद्धृत करने का प्रयास किया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस पर कड़ा विरोध जताया और इसे नियमों का उल्लंघन बताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस घटना पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ऐसी अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए सदन में उपस्थित न होने की सलाह दी थी। स्पीकर ने कुछ विपक्षी सदस्यों के व्यवहार को “अभूतपूर्व और अनुचित” करार दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिरला ने सदन की गरिमा बनाए रखने के अपने कर्तव्य पर जोर दिया और सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री की कुर्सी के पास जाने या पोस्टर उठाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सभी सदस्यों से संसदीय मर्यादा का पालन करने का आग्रह किया। इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष की कुछ महिला सांसद बैनर लेकर प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर आक्रामक रूप से बढ़ रही थीं, जिससे सदन में अत्यधिक तनावपूर्ण माहौल बन गया था। यह स्थिति लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए ठीक नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



