



Bhagalpur News: गाड़ी पर ‘रंगबाज’ लिखकर अनोखा प्रदर्शन, जानिए क्यों सड़कों पर उतरा कार्मिक संघ
Bhagalpur News: भागलपुर की सड़कें मानो अब पहचान की नुमाइशगाह बन गई हैं, जहां हर कोई अपनी गाड़ी पर पद और पहचान का तमगा लगाकर घूम रहा है। इसी चलन के खिलाफ अब एक ऐसा विरोध शुरू हुआ है, जिसने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह विरोध किसी धरने या नारेबाजी से नहीं, बल्कि एक थार गाड़ी पर ‘रंगबाज’ लिखवाकर किया जा रहा है।
Bhagalpur News में जानिए ‘रंगबाज’ लिखे वाहन का पूरा सच
शहर में इन दिनों एक चार पहिया थार वाहन (BR10 AP 7322) चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जिसकी नंबर प्लेट के ठीक ऊपर बड़े अक्षरों में ‘रंगबाज’ लिखा है। पहली नजर में यह किसी की दबंगई का प्रतीक लग सकता है, लेकिन असल में यह वाहनों पर अवैध नेम प्लेट और खास शब्द लिखवाने की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ एक अनूठा विरोध है। यह कदम कार्मिक संघ ने उठाया है, जिसकी अगुवाई संघ के अध्यक्ष प्रतीक झुनझुनवाला कर रहे हैं। उनका मानना है कि जब शहर में कई लोग अपनी गाड़ियों पर नियम विरुद्ध लिखावट करके घूम सकते हैं, तो उनका यह प्रतीकात्मक विरोध भी जायज है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह पूरा मामला इस बात को उजागर करता है कि कैसे कुछ लोग अपने वाहनों को अपनी निजी पहचान या रुतबे का प्रतीक बना लेते हैं, जो सीधे तौर पर मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध
कार्मिक संघ के उपाध्यक्ष मनीष कुमार ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि जब तक दूसरे लोग अपनी गाड़ियों पर लिखे गए नाम, पद या अन्य शब्दों को खुद या प्रशासन के कहने पर नहीं हटाते, तब तक वे भी अपने वाहन से ‘रंगबाज’ लिखा हुआ नेम प्लेट नहीं हटाएंगे। उनका कहना है कि यह कदम ट्रैफिक नियम के पालन और सबके लिए एक समान व्यवस्था की मांग को लेकर उठाया गया है। यह विरोध प्रशासन की उस चुप्पी पर भी सवाल खड़े करता है जो ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने में ढिलाई बरतती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
शहर में बना चर्चा का विषय, अब प्रशासन के पाले में गेंद
इस अनोखे विरोध ने भागलपुर में एक नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोग भी अब वाहनों पर नियमों के विरुद्ध लिखावट को लेकर मुखर हो गए हैं। सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक, हर जगह इस ‘रंगबाज’ लिखी गाड़ी और इसके पीछे के मकसद की चर्चा हो रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था के लिए एक आईना है, जो यह दिखाता है कि जब नियमों का पालन चुनिंदा तरीके से होता है, तो नागरिक किस तरह अपनी आवाज उठाते हैं। अब गेंद पूरी तरह से स्थानीय प्रशासन के पाले में है और देखना यह होगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।


