

Amitabh Das: बिहार की सियासत का पारा अचानक तब चढ़ गया, जब सच बोलने की कीमत एक पूर्व पुलिस अधिकारी को गिरफ्तारी से चुकानी पड़ी। आरोपों और प्रत्यारोपों के इस बवंडर के बीच, एक सवाल हवा में तैर रहा है – क्या सत्ता के गलियारों में सच की आवाज को ऐसे ही दबा दिया जाएगा?
बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां NEET छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म मामले में सनसनीखेज आरोप लगाने वाले पूर्व IPS अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही बिहार की राजनीति में उबाल है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है।
क्यों गिरफ्तार हुए पूर्व IPS Amitabh Das?
दरअसल, यह पूरा विवाद पूर्व IPS अमिताभ दास के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने NEET छात्रा के साथ हुए कथित दुराचार मामले की जांच का दायरा मुख्यमंत्री आवास तक ले जाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जब इस केस में पीड़िता के परिवार के पुरुषों का DNA टेस्ट करवाया जा रहा है, तो निष्पक्षता के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी DNA सैंपल लिया जाना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री आवास में गरीब और कम उम्र की लड़कियों को लाया जाता है, जिसकी गहन जांच होनी चाहिए।
उनके इन गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद थी, लेकिन कार्रवाई की दिशा आरोपी की तरफ न होकर, आरोप लगाने वाले की तरफ ही मुड़ गई। DNA रिपोर्ट की बात तो दूर, अमिताभ दास को ही सलाखों के पीछे डाल दिया गया। इस घटना ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि एक सवर्ण समाज से आने वाले पूर्व IPS अधिकारी को सच कहने की ऐसी सजा मिलेगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। तेजस्वी यादव के अनुसार, “यह बेहद शर्मनाक है कि सरकार अपनी पोल खुलने के डर से सच की हर आवाज को कुचल देना चाहती है। एक पूर्व अधिकारी ने जब निष्पक्ष जांच की मांग की तो उन्हें ही गिरफ्तार कर लिया गया।”
उन्होंने इस कार्रवाई को तानाशाही करार देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है। उनके इस बयान ने इस मामले को और भी राजनीतिक तूल दे दिया है, और विपक्ष सरकार पर चौतरफा हमलावर हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
तेजस्वी यादव ने आज सुबह जो लिखा पढ़िए… NEET छात्रा दुष्कर्म मामले में पूर्व IPS ऑफिसर अमिताभ दास ने मात्र मांग किया था कि जब लड़की के पिता भाई चाचा का DNA रिपोर्ट मैच करवाया जा रहा है तो नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी DNA रिपोर्ट मांगा जाय..
अमिताभ दास का सीधा कहना है कि CM हाउस में लड़कियों को लाया जाता है, वैसी लड़कियां जो कम उम्र की हो, गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हो।
रिपोर्ट तो नहीं मिला लेकिन एक सवर्ण समाज के पूर्व IPS ऑफिसर अमिताभ दास को आज गिरफ्तार जरूर कर लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला एक NEET अभ्यर्थी के साथ हुए कथित यौन शोषण से जुड़ा है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। इस केस में कई प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं, लेकिन इसी बीच अमिताभ दास के आरोपों और फिर उनकी गिरफ्तारी ने मामले में एक नया और विस्फोटक मोड़ ला दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब देखना यह है कि क्या जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ेगी या राजनीतिक दबाव के आगे दम तोड़ देगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



