

Suspicious Death: जीवन का रंग मंच क्षण भर में सूना हो गया, जब एक युवा सुरक्षाकर्मी की साँसें अचानक थम गईं। दरभंगा के मिथिला संस्कृत शोध संस्थान में हुई यह घटना अब सवालों के घेरे में है, जिसकी परतें उधेड़ने में पुलिस जुटी है।
दरभंगा के प्रतिष्ठित मिथिला संस्कृत शोध संस्थान परिसर में कार्यरत एक निजी सुरक्षा गार्ड की अकाल मृत्यु ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत किसी अज्ञात जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने यह पदार्थ स्वयं खाया या किसी अन्य ने उसे दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान मधुबनी जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र निवासी 23 वर्षीय श्रवण यादव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, श्रवण अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
दरभंगा में सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध मौत: क्या है सच?
डीएमसीएच में श्रवण का इलाज कर रहे चिकित्सकों के अनुसार, मामला ‘अज्ञात विषाक्तता’ (अननोन पॉइजनिंग) का प्रतीत होता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किस प्रकार के जहर का सेवन किया गया, इसकी पुष्टि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। मृतक के मामा ने बताया कि श्रवण यादव मिथिला संस्कृत शोध संस्थान में निजी गार्ड के तौर पर कार्यरत थे। बुधवार देर रात करीब 12 बजे उन्हें अचानक बेचैनी हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत डीएमसीएच ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक गहरा विषाक्तता मामला है जिसपर पुलिस अपनी पैनी नज़र बनाए हुए है।
मृतक के भाई शशांक कुमार ने बताया कि श्रवण की शादी नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि श्रवण की ड्यूटी सामान्यतः दिन की पाली में रहती थी। घटना वाली रात जब उसकी तबीयत बिगड़ी, तो उसे चक्कर आए और वह बेहोश हो गया। इसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस दुखद घटना से पूरा परिवार सदमे में है।
पुलिस जांच और परिजनों की उम्मीदें
इस संबंध में बेंता थाना अध्यक्ष विनय मिश्रा ने जानकारी दी कि परिजनों द्वारा मिली सूचना के आधार पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने आश्वासन दिया कि परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह एक गंभीर विषाक्तता मामला है और पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जो इस रहस्यमयी मौत से पर्दा उठाने में अहम भूमिका निभाएगी।


