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फ़रवरी, 17, 2026
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Bihar IPS Officer Death: बिहार पुलिस सेवा का चमकता सितारा… पूर्व DIG और Darbhanga DSP रहे परवेज़ अख़्तर का निधन

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Bihar IPS Officer Death: जीवन की नश्वरता का एक और कड़वा सच सामने आया है। बिहार पुलिस सेवा का एक चमकता सितारा, जिसने कानून व्यवस्था की बागडोर संभाली, आज अनंत यात्रा पर निकल पड़ा है।

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बिहार IPS ऑफिसर डेथ: बिहार कैडर के पूर्व डीआईजी परवेज़ अख़्तर का निधन, पुलिस महकमे में शोक की लहर

बिहार IPS ऑफिसर डेथ: एक समर्पित अधिकारी का दुखद अंत

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के बिहार कैडर के 2006 बैच के तेज़-तर्रार और ईमानदार सेवानिवृत्त पदाधिकारी परवेज़ अख़्तर अब हमारे बीच नहीं रहे। दिल्ली में आज उनका इंतकाल हो गया, जिससे पूरे पुलिस महकमे और उनके जानने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है। डीएसपी से लेकर डीआईजी तक का लंबा सफर तय करने वाले इस पूर्व आईपीएस ऑफिसर का निधन एक अपूरणीय क्षति है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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अपने कार्यकाल के दौरान, पूर्व आईपीएस अधिकारी परवेज अख्तर ने बिहार पुलिस में अपनी सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। दरभंगा के नगर डीएसपी के रूप में उनकी कार्यशैली को आज भी याद किया जाता है। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के लिए वह हमेशा सराहे गए, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनकी अकादमिक और साहित्यिक रुचि भी उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग बनाती थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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पुलिस अधिकारी के साथ एक संवेदनशील कवि भी

परवेज़ अख़्तर सिर्फ एक कठोर पुलिस अधिकारी ही नहीं थे, बल्कि एक संवेदनशील शायर और लेखक भी थे। उनकी कई किताबें भी प्रकाशित हुई हैं, जिनमें उनकी गहन सोच और मानवीय संवेदनाएं झलकती हैं। साहित्य के प्रति उनका प्रेम उनके व्यक्तित्व का एक अलग आयाम प्रस्तुत करता था। पुस्तक प्रकाशन के समय बिहार के तत्कालीन डीजीपी रहें ‘पी.के ठाकुर’ ने अपने संदेश में पुस्तक के संबंध में लिखे थे कि – ‘यह पुस्तक पुलिस विभाग में योगदान देने वाले हर पंक्ति के कर्मियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।’

जो कि बाद में यह पुस्तक बिहार पुलिस अकादमी के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया। वहीं दिसंबर 2017 के अंत में जब उनकी लिखी गई पुस्तक ‘पुलिस और पुलिसिंग’ का प्रकाशन हो रहा था तब परवेज़ अख़्तर बीएमपी-2 के कमांडेंट थे।

31 जुलाई 2020 को वे राजगीर पुलिस अकादमी से डीआईजी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन सेवामुक्त होने के बाद भी उनका ज्ञान और अनुभव समाज के लिए प्रेरणा बना रहा। उनके निधन से बिहार पुलिस ने न केवल एक अनुभवी अधिकारी खोया है, बल्कि साहित्य जगत ने भी एक प्रतिभा को गंवाया है। यह खबर सुनकर हर कोई स्तब्ध है आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

उनके परिजनों द्वारा मुस्लिम रीति-रिवाज़ के अनुसार कल पटना स्थित उनके फुलवारीशरीफ़ आवास से नमाज़-ए-अस्र के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक़ किए जाएंगे।

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