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फ़रवरी, 17, 2026
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JEE Main जनवरी सत्र के परिणाम: कोटा ने फिर लहराया सफलता का परचम, 7 छात्रों ने हासिल किए 100 पर्सेंटाइल

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JEE Main: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित जेईई-मेन्स जनवरी सत्र के नतीजों ने एक बार फिर शिक्षा के केंद्र ‘कोटा’ की असाधारण सफलता को सिद्ध किया है। इस वर्ष के नतीजों में कोटा के कोचिंग संस्थानों का वर्चस्व स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहां देश के टॉप-12 (100 पर्सेंटाइल) छात्रों में से 7 छात्र केवल कोटा के क्लासरूम प्रोग्राम से संबंधित हैं।

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JEE Main जनवरी सत्र के परिणाम: कोटा ने फिर लहराया सफलता का परचम, 7 छात्रों ने हासिल किए 100 पर्सेंटाइल

JEE Main परिणाम 2024: कोटा के छात्रों का शानदार प्रदर्शन

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने हाल ही में JEE Main जनवरी सत्र के परिणाम घोषित किए हैं, जिसमें कोटा के छात्रों ने अपनी श्रेष्ठता साबित की है। प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान एलेन (ALLEN) के सीईओ नितिन कुकरेजा ने बताया कि उनके संस्थान के छात्र कबीर छिल्लर ने 300 में से 300 अंक प्राप्त कर 100 पर्सेंटाइल के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह एक ‘परफेक्ट स्कोर’ है, जो कबीर की अद्वितीय प्रतिभा और सटीक तैयारी का प्रमाण है। यह परिणाम उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस में सफल होने का सपना देखते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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जुड़वां भाइयों की अद्भुत सफलता और प्रेरणादायक कहानी

इस वर्ष के परिणाम में ओडिशा (भुवनेश्वर) के 17 वर्षीय जुड़वां भाइयों, महरूफ अहमद खान और मशरूर अहमद खान की सफलता विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों भाइयों ने न केवल 99.99 पर्सेंटाइल जैसा शानदार स्कोर प्राप्त किया, बल्कि उन्होंने एक ही शिफ्ट में परीक्षा दी और दोनों के अंक भी समान रहे – 300 में से 285। पिछले तीन वर्षों से कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहे ये भाई साथ मिलकर पढ़ाई करते हैं और एक-दूसरे को लगातार प्रेरित करते हैं। परिवार के सदस्यों के अनुसार, उनकी दिनचर्या, अध्ययन का तरीका, यहां तक कि चश्मे का नंबर और जूतों का आकार भी लगभग एक जैसा है, जो उनकी अद्वितीय समानता को दर्शाता है।

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बच्चों को अकेलापन महसूस न हो, इस चिंता में उनकी मां डॉ. जीनत बेगम ने अपना चिकित्सा पेशा छोड़कर कोटा में उनके साथ रहने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि दोनों बच्चे शुरुआत से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं। इंजीनियर बनने का सपना उनका अपना था, इसलिए परिवार ने कभी उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं डाला। परिवार के अनुसार, जब इन दोनों भाइयों ने ओलंपियाड और कोटा के गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों की सफलता के बारे में जाना, तो उन्होंने भी कोटा आकर तैयारी करने की इच्छा व्यक्त की। तब से वे कोटा में लगन से मेहनत कर रहे हैं, और अब उनकी कड़ी तपस्या का फल सामने है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। JEE Main का यह शानदार परिणाम एक बार फिर यह साबित करता है कि अटूट मेहनत, सही मार्गदर्शन और परिवार का पूर्ण सहयोग हो तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है।

लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/education/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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