
बाइक चोरी: मधुबनी से एक बड़ी ख़बर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा बटोरी है। बासोपट्टी थाना क्षेत्र में हुई एक बाइक चोरी का पुलिस ने सफल पर्दाफाश कर लिया है। स्थानीय लोगों की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मधुबनी जिले के बासोपट्टी थाना क्षेत्र में चोरी हुई एक मोटरसाइकिल आखिरकार बरामद कर ली गई है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को दबोचा है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई का नतीजा है। गिरफ्तार किए गए बाइक चोरों की पहचान नया टोल घोड़बंकी गांव के वार्ड नंबर 11 निवासी बिजलाल सहनी के 25 वर्षीय पुत्र राकेश कुमार सहनी और वार्ड नंबर 4 निवासी मो वसीम के 18 वर्षीय पुत्र मो इरफान के रूप में हुई है।
बाइक चोरी: कब और कहां से हुई थी घटना?
जानकारी के मुताबिक, बासोपट्टी थाना क्षेत्र के छतौनी वार्ड नंबर-04 निवासी फूलदेव कुमार की काले रंग की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (BR32AM7264) 11 अप्रैल 2026 की रात वीरपुर कोठी सिलखोर मेला से चोरी हो गई थी। पीड़ित ने 14 अप्रैल को बासोपट्टी थाना में इस संबंध में एक सनहा दर्ज कराया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। तीन दिन बाद ही इस मामले ने नया मोड़ ले लिया।
संदिग्ध बाइक दिखी, ऐसे पकड़े गए चोर
17 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे पीड़ित फूलदेव कुमार के भतीजे सूर्यदेव कुमार यादव और बहनोई लक्ष्मी नारायण यादव दुबही बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। वहीं, दुबही बॉर्डर पर उन्हें बिना नंबर प्लेट लगी एक संदिग्ध मोटरसाइकिल दिखी। उन्हें शक हुआ, तो उन्होंने तत्काल फूलदेव कुमार को इसकी जानकारी दी और ऑनर बुक मंगवाकर बाइक का मिलान किया। हालांकि मोटरसाइकिल का चेसिस नंबर घिसा हुआ था, लेकिन इंजन नंबर ऑनर बुक से पूरी तरह मेल खा गया। इसके बाद दोनों सतर्कता दिखाते हुए बाइक सवार दोनों युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। उन्होंने तत्काल स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और चोरों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा
इस बाइक चोरी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। थाना प्रभारी विकास कुमार ने इस बात की पुष्टि की है। यह सफलता पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से ही संभव हो पाई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







