

Bhagalpur News: ज्ञान की परीक्षा देने से पहले, जिंदगी की परीक्षा देने को मजबूर हैं बिहार के होनहार। भागलपुर में बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा के दौरान एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है, जहां छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर परीक्षा केंद्र तक पहुंच रहे हैं।
बिहार में मैट्रिक की परीक्षाएं चल रही हैं और चौथे दिन सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई। भागलपुर जिले में प्रशासन भले ही कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण परीक्षा का दावा कर रहा हो, लेकिन गंगा के किनारे स्थित सिटी कॉलेज परीक्षा केंद्र की हकीकत कुछ और ही बयां करती है। यहां की स्थिति बेहद चिंताजनक और खतरनाक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस केंद्र तक पहुंचने के लिए कोई उचित सड़क मार्ग ही नहीं है, जिसके कारण छात्रों और शिक्षकों को एक संकरे चचरी पुल का सहारा लेना पड़ रहा है।
Bhagalpur News: सिटी कॉलेज सेंटर पर जानलेवा सफर
परीक्षा केंद्र के ठीक सामने लगभग 20 फीट गहरी खाई है, जिसके ऊपर बांस और बल्लियों से बना एक अस्थायी चचरी पुल ही एकमात्र रास्ता है। यह पुल बेहद कमजोर है और इसकी भार क्षमता भी बहुत कम है। परीक्षा के समय, सैकड़ों छात्र-छात्राएं एक साथ इस पुल से गुजरते हैं, जिससे हर पल एक बड़े हादसे का खतरा मंडराता रहता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जरा सी चूक या संतुलन बिगड़ने पर कोई भी गंभीर दुर्घटना घट सकती है, जिसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं होगा।
इस खतरनाक रास्ते से गुजरते हुए छात्रों के चेहरे पर डर साफ देखा जा सकता है। यह स्थिति न केवल छात्रों के लिए बल्कि उनके साथ आने वाले अभिभावकों के लिए भी तनावपूर्ण है। वे केंद्र के बाहर खड़े होकर बस यही प्रार्थना करते रहते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित वापस आ जाए।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सुबह और शाम की पाली में छात्र एक साथ इस पुल को पार करते हैं, तो यह पूरी तरह से हिलने लगता है। कमजोर संरचना के कारण इस पर दबाव काफी बढ़ जाता है। यह देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जहां प्रशासन परीक्षा में सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजामों का दावा कर रहा है, वहीं छात्रों की मूलभूत सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। यह प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा उदाहरण है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अभिभावकों ने की सुरक्षित रास्ते की मांग
इस जानलेवा स्थिति को देखते हुए छात्रों के अभिभावकों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और परीक्षा समाप्त होने से पहले एक वैकल्पिक एवं सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार नहीं करना चाहिए और जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए, ताकि भविष्य में छात्र बिना किसी डर के अपनी मैट्रिक परीक्षा दे सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



