back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 12, 2026
spot_img

Holi Train Tickets: होली के रंगों के बीच टिकटों की जंग, Bihar आने-जाने वालों के लिए ट्रेनों की सीटें कम, पढ़िए…दरवाजे लगभग बंद

spot_img
- Advertisement -

Holi Train Tickets: उम्मीदों के रंग और सफर की जंग हर साल एक जैसी कहानी दोहराती है। जब फागुन आता है, तो बिहार की धरती अपनों को वापस बुलाती है, लेकिन ट्रेनों की सीटें कम पड़ जाती हैं, और यही चुनौती अब लाखों यात्रियों के सामने खड़ी है।

- Advertisement -

Holi Train Tickets: त्योहारों में कंफर्म टिकट की जंग

- Advertisement -

मार्च 2026 में आने वाली होली को लेकर अभी से ही बिहार आने-जाने वालों की संख्या में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। आलम यह है कि नियमित ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता जैसे बड़े शहरों से बिहार आने वाली लगभग सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है। यात्रियों की परेशानी सिर्फ आने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि होली के बाद वापस लौटने के लिए भी लोग टिकटों के लिए जूझ रहे हैं।

- Advertisement -

Holi Special Train: त्योहारों का मौसम आते ही ट्रेन की टिकटें सोने की तरह कीमती हो जाती हैं, और जब बात होली की हो, तो कंफर्म टिकट मिलना किसी जंग जीतने से कम नहीं। देश के अलग-अलग कोनों में काम करने वाले लोग त्योहार पर अपने घर लौटने के लिए महीनों पहले से तैयारी करते हैं, लेकिन भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर कुछ ही मिनटों में सारी उम्मीदें वेटिंग लिस्ट में बदल जाती हैं। इस साल भी होली पर घर जाने वालों के लिए स्थिति कुछ ऐसी ही बन गई है, जहां नियमित ट्रेनों ने लगभग हाथ खड़े कर दिए हैं।

दिल्ली से बिहार और पूर्वोत्तर की ओर जाने वाली ज्यादातर प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना अब टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। आलम यह है कि 4 मार्च से लेकर 30 मार्च तक अधिकांश ट्रेनों के एसी वन, एसी टू, एसी थ्री और स्लीपर क्लास में लंबी वेटिंग लिस्ट है। सीमाचंल, ब्रह्मपुत्र, और नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस जैसी 10 से भी ज्यादा महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोच में ‘नो रूम’ की स्थिति बन गई है, जिसका सीधा मतलब है कि अब आप वेटिंग टिकट भी नहीं खरीद सकते। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसे में यात्रियों के पास अब केवल स्पेशल ट्रेनों का ही सहारा बचा है, जिनके चलने की घोषणा का वे बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

इन नियमित ट्रेनों में Holi Special Train ही एकमात्र सहारा

जिन यात्रियों ने पहले से योजना नहीं बनाई, उनके लिए अब नियमित ट्रेनों के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार, जिन ट्रेनों में सीटें पूरी तरह से भर चुकी हैं, उनमें दिल्ली और आनंद विहार से खुलने वाली प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।

  • सीमांचल एक्सप्रेस
  • संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस
  • पूर्वा एक्सप्रेस
  • फरक्का एक्सप्रेस
  • संघमित्रा एक्सप्रेस
  • ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस
  • नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस
  • दूरंतो एक्सप्रेस
  • डिब्रूगढ़ राजधानी
  • विक्रमशिला एक्सप्रेस
यह भी पढ़ें:  Bihar Mining: बिहार माइनिंग में पढ़ें...दानव पर अब सरकार का सीधा डंडा... अवैध उत्खनन पर नकेल, डिप्टी सीएम सिन्हा ने बताया 100 दिन की प्लानिंग...ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी!

इन ट्रेनों में 5 मार्च से लेकर 15 मार्च तक की अवधि में किसी भी क्लास में कंफर्म सीट उपलब्ध नहीं है। होली के बाद भी यह भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है, जिससे वापसी की टिकटों के लिए भी मारामारी तय मानी जा रही है।

यात्रियों की बढ़ी परेशानी, तत्काल ही आखिरी उम्मीद

नियमित ट्रेनों में जगह न मिलने से यात्रियों की परेशानी काफी बढ़ गई है। अब उनके पास या तो तत्काल कोटे का विकल्प है, जिसमें टिकट मिलना बेहद मुश्किल होता है, या फिर इंडियन रेलवे द्वारा घोषित की जाने वाली होली स्पेशल ट्रेनों का इंतजार करना होगा। हर साल की तरह इस बार भी रेलवे कई विशेष ट्रेनें चलाएगा, लेकिन उनकी घोषणा और बुकिंग शुरू होने पर भी मारामारी की स्थिति रहती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

यह भी पढ़ें:  LPG Cylinder Crisis: पटना में गैस सिलेंडर की कमी, प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, जानें पूरा मामला

लोगों को सलाह दी जाती है कि वे रेलवे की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखें और जैसे ही स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग खुले, तुरंत अपना टिकट बुक करा लें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। फिलहाल, घर जाने की चाहत में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और वे हर संभव विकल्प तलाश रहे हैं।

टिकटों की यह मारामारी हर साल की तरह इस साल भी देखने को मिल रही है, जिसने त्योहार की खुशी को कुछ हद तक कम कर दिया है। तत्काल टिकट भी जारी होते ही कुछ ही मिनटों में खत्म हो जा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई यात्री अधिक किराया देकर भी यात्रा करने को तैयार हैं, लेकिन विकल्प सीमित हैं।

अतिरिक्त ट्रेनों की मांग और रेलवे का जवाब

रेलवे ने इस भारी भीड़ को देखते हुए कुछ विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, लेकिन ये संख्या मौजूदा मांग के मुकाबले बेहद कम है। इन विशेष ट्रेनों में भी सीटें तेजी से भर रही हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वे यात्रियों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन क्षमता एक सीमा तक ही बढ़ाई जा सकती है।

यह भी पढ़ें:  Bhagalpur News: नवगछिया की सुरक्षा कवच में ही सेंध... नवगछिया थाने से गायब हुईं कारबाइन मैगजीन और गोलियां, हवलदार निलंबित

यह यात्रियों की परेशानी सिर्फ एक त्योहार तक सीमित नहीं है, बल्कि छठ और दिवाली जैसे अन्य बड़े त्योहारों पर भी ऐसी ही स्थिति बनती है। बहुत से लोग अब निजी बसों या साझा टैक्सियों जैसे महंगे विकल्पों का सहारा लेने पर मजबूर हो रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। https://deshajtimes.com/news/national/

विकल्पों की तलाश: कैसे करें सफर

इस चुनौती के बीच कुछ विकल्प तलाशना जरूरी हो जाता है। यात्रीगण वैकल्पिक मार्गों पर विचार कर सकते हैं, जैसे कि आस-पास के किसी छोटे स्टेशन तक जाकर फिर वहां से स्थानीय परिवहन का उपयोग करना। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, एयरलाइन कंपनियों की तरफ से भी इस अवधि में किराए बढ़ा दिए गए हैं, लेकिन कुछ बजट एयरलाइंस में अभी भी कुछ सीटें उपलब्ध हो सकती हैं।

आगे की राह और स्थायी समाधान

विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ से निपटने के लिए रेलवे को अपनी आधारभूत संरचना और ट्रेनों की संख्या में स्थायी वृद्धि करनी होगी। हर साल यह समस्या गंभीर होती जा रही है। सरकार को भी इस दिशा में दीर्घकालिक योजनाएं बनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी दिक्कत न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Made in Korea Netflix पर क्यों देखें प्रियंका मोहन की यह दिल छू लेने वाली कहानी!

Made in Korea Netflix: दक्षिण भारतीय सिनेमा से लेकर कोरियन ड्रामा तक, आजकल हर...

गुरुवार की शाम करें ये प्रभावी Thursday Remedies, घर आएगी सुख-समृद्धि

Thursday Remedies: हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को...

Bhagalpur News: ‘जान देकर करो प्यार साबित’, प्रेमिका की एक बात ने ले ली आशिक की जान, ईद के बाद होने वाली थी शादी

Bhagalpur News: मोहब्बत जब इम्तिहान मांगने लगे तो समझो इश्क अपनी राह भटक गया...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें