

Sabour Railway Station: जैसे अचानक आई परीक्षा की घंटी छात्रों के पसीने छुड़ा देती है, वैसे ही रविवार को अधिकारियों के औचक निरीक्षण ने सबौर रेलवे स्टेशन की पोल खोलकर रख दी। भागलपुर के सबौर रेलवे स्टेशन पर जब मुख्य प्रमुख वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह ने औचक दौरा किया, तो स्टेशन की तैयारियों और व्यवस्थाओं की असलियत सामने आ गई। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर की सफाई व्यवस्था से लेकर यात्री सुविधाओं और परिसंपत्तियों के रखरखाव तक में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसने अधिकारियों को नाराज कर दिया।
Sabour Railway Station पर मिलीं कई खामियां
निरीक्षण की शुरुआत प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, और टिकट काउंटर की साफ-सफाई के जायजे के साथ हुई। कई जगहों पर कूड़े-करकट का ढेर और बेतरतीब ढंग से पड़ा सामान देखकर अधिकारियों का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित कर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि स्टेशन की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। निरीक्षण का दायरा यहीं नहीं रुका; स्टेशन के बाहर खराब हालत में खड़े कई ट्रकों ने भी अधिकारियों का ध्यान खींचा।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि ये वाहन रेलवे या राज्य पुलिस के हैं, तो संबंधित विभाग को सूचित कर उन्हें तुरंत हटवाया जाए। अगर ये निजी वाहन हैं, तो उनके मालिकों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर उन्हें हटाने के लिए कहा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में वाहन नहीं हटाए गए, तो उनकी जब्ती या नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण में एक और बड़ी लापरवाही यह उजागर हुई कि स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट स्थापित होने के बावजूद उसे अब तक चालू नहीं किया गया है। इस पर मुख्य प्रमुख वाणिज्य प्रबंधक ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि सभी तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिफ्ट को जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि बुजुर्ग, दिव्यांग और महिला यात्रियों को इसका लाभ मिल सके। यह बेहतर यात्री सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अंत में, मुख्य प्रमुख वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह ने एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कर दिया कि भविष्य में यदि ऐसी खामियां पाई गईं तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस औचक निरीक्षण ने स्टेशन प्रबंधन को नींद से जगाने का काम किया है।




