

जैसे किसी बीज में छिपा होता है पूरे वृक्ष का भविष्य, वैसे ही हर गणना अपने साथ लाती है राष्ट्र के आने वाले कल की तस्वीर। बिहार अब उस तस्वीर को गढ़ने के लिए तैयार है।
Bihar Census: बिहार में 15 सालों के लंबे इंतजार के बाद अब जनगणना का महाअभियान एक नए, डिजिटल स्वरूप में शुरू होने जा रहा है। हाल ही में पटना में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में यह घोषणा की गई कि आगामी जनगणना पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी, जो आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग दर्शाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह बदलाव न केवल प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि आंकड़ों की सटीकता और तेजी को भी सुनिश्चित करेगा।
Bihar Census: डिजिटल जनगणना 2027 का पूरा शेड्यूल और महत्व
इस डिजिटल पहल के तहत, नागरिकों को स्व-गणना का अवसर मिलेगा, जिसकी शुरुआत 17 अप्रैल से होगी। इसके बाद 2 मई से घर-घर जाकर सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। यह डिजिटल जनगणना 2027, बिहार के विकास पथ के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि इससे प्राप्त होने वाले सटीक आंकड़े राज्य सरकार को जन कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद करेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में निर्णय लेने के लिए यह डेटा अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
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जनगणना 2027: एक बड़ा बदलाव और भविष्य की रणनीति
यह पारंपरिक जनगणना पद्धतियों से एक बड़ा बदलाव है, जो न केवल समय और संसाधनों की बचत करेगा बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ाएगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा आम जनता के लिए प्रक्रिया को और भी सरल बनाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस डिजिटल जनगणना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से वास्तविक समय के आंकड़े उपलब्ध कराएगी, जिससे विकास कार्यों को सही दिशा मिल सकेगी। बिहार सरकार का यह कदम राज्य को एक आधुनिक और डेटा-संचालित शासन की ओर अग्रसर कर रहा है, जो भविष्य के लिए मजबूत नींव का काम करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




