

Patna Marine Drive: गंगा की लहरों पर सवार पटना का नया अवतार, अब सिर्फ सपनों में नहीं, हकीकत में भी मीलों का सफर तय करने को तैयार है। बिहार विधानसभा के बजट सत्र में उठे सवालों के बाद यह साफ संकेत मिला है कि राज्य सरकार इस परियोजना को लंबी दूरी तक विस्तार देने को प्रतिबद्ध है। पटना में गंगा नदी के किनारे निर्मित अत्याधुनिक जेपी गंगा पथ, जिसे व्यापक रूप से पटना मरीन ड्राइव के नाम से जाना जाता है, अब केवल राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तक ही सीमित नहीं रहेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब अपनी सीमाओं का विस्तार करने जा रही है, जो बिहार के अवसंरचना विकास में एक नया अध्याय लिखेगी।
पटना मरीन ड्राइव: गंगा पथ का महाविस्तार, बदलेगी बिहार की तस्वीर
पटना मरीन ड्राइव: क्या है विस्तार योजना?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने इस पथ के विस्तार की गहन योजना बनाई है। वर्तमान में, यह पथ दीघा से दीदारगंज तक लगभग 20.5 किलोमीटर की दूरी को कवर करता है। अब, दूसरे चरण के तहत, इसे दीदारगंज से फतुहा तक लगभग 17.5 किलोमीटर और आगे बढ़ाया जाएगा। यह महत्वपूर्ण विस्तार न केवल शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच की दूरी को कम करेगा बल्कि गंगा के किनारे बसे कई अन्य क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इस विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गंगा पथ विस्तार से लाभ और चुनौतियां
इस विस्तार के पूर्ण होने के बाद, जेपी गंगा पथ की कुल लंबाई लगभग 38 किलोमीटर हो जाएगी, जिससे यह देश के सबसे लंबे रिवर ड्राइव में से एक बन जाएगा। इसका सीधा लाभ यह होगा कि पटना के पूर्वी छोर से पश्चिमी छोर तक आवागमन बिना किसी रुकावट के संभव हो पाएगा, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और शहर को लगातार झेलने वाले ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं इस परियोजना की प्रगति की लगातार निगरानी की है और इसे राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना है। यह विस्तार शहरीकरण के बढ़ते दबाव को कम करने और नागरिकों को आधुनिक परिवहन सुविधाएं प्रदान करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पटना को एक आधुनिक महानगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि गंगा किनारे के क्षेत्रों में नए व्यावसायिक अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। हालांकि, इतनी बड़ी परियोजना को समय पर और बिना किसी बाधा के पूरा करना एक चुनौती भरा कार्य होगा, जिसमें भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय अनुमतियां प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं। सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेपी गंगा पथ का यह विस्तार बिहार के शहरी और क्षेत्रीय विकास के मॉडल में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। इससे राज्य की राजधानी में निवेश आकर्षित होगा और आधारभूत संरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में, यह पथ पटना की पहचान का एक अभिन्न अंग बन जाएगा, जो न केवल उसकी सुंदरता बढ़ाएगा बल्कि उसकी प्रगति का प्रतीक भी बनेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



