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फ़रवरी, 27, 2026
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Bihar Land Encroachment: सीमांचल में जमीन कब्जे पर नीतीश सरकार सख्त, बड़ा फैसला, बड़ा सियासी तूफ़ान

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Bihar Land Encroachment: कभी-कभी ज़मीन का एक छोटा-सा टुकड़ा सियासी तूफ़ान का सबब बन जाता है, ख़ासकर जब बात पहचान और सुरक्षा से जुडी हो। बिहार के सीमांचल में इस बार ऐसे ही चिंगारी ने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है, जिसके बाद सरकार एक बड़ा कदम उठाने को मजबूर हुई है।

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Bihar Land Encroachment: सीमांचल में जमीन कब्जे पर नीतीश सरकार सख्त, डिप्टी सीएम ने किया बड़ा ऐलान

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Bihar Land Encroachment: बिहार के सीमांचल क्षेत्र में, जो नेपाल और बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से सटा हुआ है, जमीन पर कथित कब्जे और घुसपैठ का मुद्दा अब बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गया है। विधानसभा में इस गंभीर विषय पर उठाए गए सवालों के बाद, राज्य के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने किशनगंज जिले में बाहरी तत्वों द्वारा जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों की गहन जांच के लिए एक विशेष समिति के गठन का ऐलान किया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती क्षेत्रों में आबादी के बदलाव और जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर लगातार चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। यह समिति इन संवेदनशील मुद्दों की तह तक जाएगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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यह मामला तब और गरमा गया जब विधानसभा सत्र के दौरान कई विधायकों ने सीमांचल के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर किशनगंज में जमीन हथियाने और कथित घुसपैठ को लेकर प्रश्न उठाए। इन आरोपों में कहा गया है कि कुछ खास समुदायों के लोग सुनियोजित तरीके से सीमावर्ती इलाकों में जमीन खरीदकर या उस पर अवैध कब्जा कर अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं, जिससे स्थानीय जनसांख्यिकी और सुरक्षा संतुलन पर असर पड़ रहा है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा और तत्काल कार्रवाई की मांग की। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन में इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए, इस जांच का आश्वासन दिया।

समिति का गठन और जांच का दायरा

डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा द्वारा घोषित विशेष समिति का मुख्य उद्देश्य किशनगंज और सीमांचल के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में जमीन पर हुए कथित अवैध कब्जे की पड़ताल करना है। यह समिति जमीनी हकीकत का आकलन करेगी, शिकायतों की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि क्या किसी संगठित तरीके से जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। समिति को यह भी जांचने का अधिकार होगा कि क्या इन गतिविधियों के पीछे कोई बड़ी साजिश है और क्या इससे राज्य की सुरक्षा या सामाजिक सौहार्द को कोई खतरा है। इस जांच के माध्यम से सरकार ठोस तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर आगामी कदम उठाने की तैयारी में है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ यह निर्णय सीमांचल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भूमि संबंधी विवादों को सुलझाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार का मानना है कि इस तरह की जांच से न केवल सच्चाई सामने आएगी बल्कि भविष्य में ऐसे किसी भी अवैध कब्जे को रोकने के लिए प्रभावी नीतियां भी बनाई जा सकेंगी।

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