

Mithila Lok Utsav: जैसे शांत झील में कंकड़ फेंकने से लहरें उठती हैं, वैसे ही दरभंगा के दिग्घी तालाब में चप्पुओं की आवाज ने मिथिला की सांस्कृतिक विरासत में नई जान फूंक दी है। दरभंगा में मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस उत्सव के अवसर पर दिग्घी तालाब में नौकायन प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।
Mithila Lok Utsav: परंपरा और खेल का दिखा अनूठा संगम
दरभंगा, जिसे तालाबों का शहर भी कहा जाता है, शनिवार को एक अनूठे आयोजन का गवाह बना। 28 फरवरी 2026 को, मिथिला की गौरवशाली संस्कृति को समर्पित दो दिवसीय उत्सव के तहत ऐतिहासिक दिग्घी तालाब के शांत जल में प्रतिस्पर्धा की लहरें उठीं। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने मिथिला की जल संस्कृति के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आयोजन न केवल पारंपरिक खेलों को जीवित रखने का एक प्रयास है, बल्कि यह युवाओं में खेल भावना और अनुशासन को भी बढ़ावा देता है।







इस नौकायन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कुल 640 मीटर की दूरी तय की, जिसमें 320 मीटर आगे जाना और फिर 320 मीटर वापस आना शामिल था। प्रतियोगिता को लेकर प्रतिभागियों और दर्शकों में भारी उत्साह देखा गया।
अधिकारियों ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ युवाओं में अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देती हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने का आश्वासन दिया और सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देकर उनका मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार, और जिला खेल पदाधिकारी परिमल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम
प्रतियोगिता के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। कार्यक्रम का मंच संचालन नवीन सिन्हा ने बेहद प्रभावी ढंग से किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों, खेल विभाग, मत्स्य विभाग और स्थानीय नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मिथिला की संस्कृति को दर्शाने वाले इस अनूठे प्रयास की सभी ने सराहना की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भव्य आयोजन Mithila Lok Utsav 2025-26 की श्रृंखला का एक प्रमुख आकर्षण साबित हुआ, जिसने पारंपरिक खेलों और स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को एक नई ऊर्जा प्रदान की।


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