
Filaria Prevention: हाथीपांव की बीमारी जब किसी को जकड़ लेती है, तो जिंदगी का हर कदम बोझ बन जाता है। इसी लाइलाज मर्ज की जड़ पर मट्ठा डालने के लिए बोकारो प्रशासन ने कमर कस ली है, और अभियान की कमान खुद उपायुक्त ने संभाली है।
बोकारो जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चल रहे अभियान को लेकर उपायुक्त अजय नाथ झा पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। सोमवार को उन्होंने चंदनकियारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक दौरा किया और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए, बल्कि खुद एमडीए की खुराक खाकर आम लोगों को इस गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए प्रेरित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उपायुक्त ने साफ़ कहा कि इस महाअभियान में एक भी व्यक्ति या परिवार दवा लेने से वंचित नहीं रहना चाहिए।
Filaria Prevention अभियान में तेजी लाने के निर्देश
चंदनकियारी सीएचसी में स्वास्थ्यकर्मियों और सेविका-सहायिकाओं के साथ संवाद के दौरान उपायुक्त अजय नाथ झा ने अब तक केवल 89 फीसदी लक्ष्य प्राप्ति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इसके पीछे के कारणों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों से जवाब-तलब किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि आगामी 8 मार्च तक हर हाल में शत-प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जाए। इसके लिए उन्होंने घर-घर जाकर छूटे हुए लोगों को दवा खिलाना सुनिश्चित करने को कहा। इस Mass Drug Administration अभियान की सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर दवा लेकर इससे आसानी से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करें और दवा का सेवन अवश्य करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। प्रशासन का लक्ष्य बोकारो को फाइलेरिया मुक्त बनाना है और इसके लिए जन-जागरूकता और भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
होली पर्व को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
आगामी होली पर्व को देखते हुए उपायुक्त ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने चंदनकियारी सीएचसी के निरीक्षण के दौरान अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती एवं आपातकालीन सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहें। यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
इस बाबत उन्होंने सिविल सर्जन को भी अपने स्तर से सभी एमओआईसी को जरूरी दिशा-निर्देश देने को कहा, ताकि आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरे के दौरान उपायुक्त के साथ सिविल सर्जन डॉ. ए. बी. प्रसाद, बीडीओ अजय कुमार वर्मा, सीओ रवि आनंद, जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ. रेणु भारती, एमओआईसी यू.एस. त्रिपाठी और एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह समेत कई अन्य स्वास्थ्य कर्मी व अधिकारी उपस्थित रहे।




