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मार्च, 3, 2026
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Purnea News: पूर्णिया की सियासत में खामेनेई की ‘मौत’ का गहरा असर…समझो बड़ी खबर पक रही है!

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Purnea News: सियासत की बिसात पर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम जब स्थानीय रंग में घुल जाए, तो समझो बड़ी खबर पक रही है। पूर्णिया की धरती से उठे एक कैंडल मार्च ने अब वैश्विक राजनीति को भी बिहार से जोड़ दिया है, जहां एक खबर ने भूचाल ला दिया है।

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Purnea News: जब अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम ने बटोरी सुर्खियां

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिकी-इजरायली संयुक्त सैन्य कार्रवाई में कथित मौत की खबर ने पूर्णिया में हलचल मचा दी है। इस खबर के बाद बिहार के पूर्णिया में एक कैंडल मार्च का आयोजन किया गया, जिसने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव इस मुद्दे पर खुलकर सामने आए हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव चरम पर है। खामेनेई की मौत की अटकलें, अगर सच होती हैं, तो निश्चित रूप से मध्य-पूर्व और वैश्विक स्तर पर ईरानी सियासत में एक बड़ा बदलाव ला सकती हैं। इस कैंडल मार्च में पप्पू यादव ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस अंतरराष्ट्रीय मसले को स्थानीय मंच पर उठा दिया है। यह दिखाता है कि कैसे वैश्विक घटनाएं, विशेषकर ईरानी सियासत से जुड़ी खबरें, दूरदराज के क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकती हैं। पूर्णिया की मिट्टी से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर इस तरह की प्रतिक्रिया आना यह दर्शाता है कि दुनिया कितनी छोटी हो गई है। स्थानीय नेता अब वैश्विक मुद्दों पर भी अपनी राय खुलकर रख रहे हैं, जो एक नए राजनीतिक ट्रेंड का संकेत है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/।

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सांसद पप्पू यादव का बयान और स्थानीय प्रतिक्रिया

सांसद पप्पू यादव ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा बताया, जिसका प्रभाव वैश्विक शांति और स्थिरता पर पड़ सकता है। पूर्णिया में इस कैंडल मार्च का आयोजन अमेरिकी और इजरायली नीतियों के विरोध में किया गया था, जिसमें स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस तरह के वैश्विक मुद्दों पर स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं देश की राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाती हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना पूर्णिया के राजनीतिक परिदृश्य में एक अनोखी छाप छोड़ गई है, जहां स्थानीय मसलों के साथ अब अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति भी चर्चा का विषय बनती जा रही है।

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