
Vaishali News: रोजी-रोटी की तलाश में सात समंदर पार गए अर्जुन की जिंदगी पर पूर्णविराम लग गया है। घर में जहां खुशियों की शहनाई बजनी थी, वहां अब मातम का सन्नाटा पसरा है और चीत्कार गूंज रही है।
यह दर्दनाक कहानी वैशाली जिले के महम्मदपुर पंचायत स्थित खजबत्ता गांव की है, जहां के निवासी सुरेंद्र महतो के बेटे अर्जुन कुमार की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में मौत हो गई। अर्जुन अभी तीन महीने पहले ही एक एजेंट के माध्यम से दुबई गए थे और वहां गैसफार नामक कंपनी में रिगर का काम कर रहे थे। परिवार को सोमवार की रात उनकी मौत की सूचना मिली, जिसके बाद से पूरे घर में कोहराम मच गया है।
Vaishali News: क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, अर्जुन कुमार अपने परिवार का भविष्य संवारने के लिए दुबई गए थे। वह वहां एक गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी में नौकरी कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि 28 फरवरी को अर्जुन की अपनी पत्नी से आखिरी बार बात हुई थी। उसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। दो दिन के लंबे इंतजार के बाद जब फोन आया, तो वह अर्जुन की मौत की खबर लेकर आया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
परिजनों द्वारा यह आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के दौरान दुबई पर हुए किसी हमले में अर्जुन की जान चली गई। परिवार वालों का कहना है कि युद्ध के हालातों के बीच हुई अर्जुन की दुबई में मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अर्जुन की मौत की खबर ने परिवार की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। घर के कमाऊ सदस्य को खोने का गम असहनीय है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। दुख की बात यह भी है कि अर्जुन के कुछ अन्य रिश्तेदार भी दुबई में ही फंसे हुए हैं और उनसे भी कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे परिवार की चिंता और भी बढ़ गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परिवार अब सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
सरकार से पार्थिव शरीर लाने की गुहार
पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन और सरकार से अर्जुन के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने में मदद करने की अपील की है, ताकि वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपनी मिट्टी पर कर सकें। इस मुश्किल घड़ी में पूरा गांव परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें सांत्वना दे रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।









