spot_img

Bihar News: टेंडर घोटाले के कोडवर्ड में बड़ा खुलासा! सहरसा में SVU की Raid में सामने आया करोड़ों का खेल, पढ़िए – ‘गोपनीय जानकारी’

बिहार के बड़े टेंडर घोटाले में अब सहरसा नगर निगम की एंट्री हो गई है, जहां एसवीयू की छापेमारी ने ठेकेदार रिशु श्री के काले कारनामों से पर्दा हटा दिया है; सरकारी कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर करोड़ों के ठेके हथियाने का चौंकाने वाला खेल उजागर हुआ है जिससे हड़कंप है।

spot_img
- Advertisement -

सहरसा टेंडर घोटाला न्यूज़: बिहार में चल रहे बहुचर्चित टेंडर घोटाले ने अब नया मोड़ ले लिया है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने सहरसा नगर निगम कार्यालय में छापेमारी की। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। एसवीयू की जांच से पता चला है कि इस घोटाले में एक नामजद ठेकेदार ने सरकारी तंत्र के छोटे से बड़े अधिकारियों तक अपना जाल फैला रखा था।

- Advertisement -

जांच एजेंसी को इस बात के भी सबूत मिले हैं कि ठेकेदार रिशु श्री ने नगर विकास विभाग में गहरे संबंध बनाए थे। इन संबंधों का मुख्य उद्देश्य सरकारी टेंडर जारी होने से पहले ही उसकी गोपनीय जानकारी हासिल करना था। इस जानकारी के दम पर रिशु श्री ने कई बड़े सरकारी ठेके हासिल किए, जिससे करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया।

- Advertisement -

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -

गुप्त जानकारी और कंप्यूटर हेराफेरी का खेल

इस धांधली को अंजाम देने के लिए कार्यालयों के आईटी कर्मियों की भी मदद ली गई। आईटी स्टाफ ने बड़े पैमाने पर फाइलों और कंप्यूटर डेटा में हेराफेरी की। इसी वजह से जांच एजेंसी ने मामले में सरकारी गोपनीयता कानून की सख्त धाराएं भी जोड़ी हैं, जो इस घोटाले की गंभीरता को और बढ़ाती हैं। यह एक बड़ा देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बिहार भ्रष्टाचार समाचार के तौर पर सामने आया है।

जांच में सामने आया है कि सरकारी कार्यालयों के कंप्यूटर ऑपरेटर भी इस अवैध खेल में शामिल थे। वे डिजिटल टेंडर दस्तावेजों को ठेकेदार रिशु श्री की सुविधा के अनुसार बदल देते थे, ताकि उसे आसानी से ठेके मिल सकें। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिले व्हाट्सएप चैट से इस बात का खुलासा हुआ है कि पैसों के अवैध लेनदेन के लिए खास कोड वर्ड का इस्तेमाल होता था।

रिश्वत की रकम को सीधे नाम से बुलाने के बजाय चैट में ‘पैकेट’ कहा जाता था। जांच एजेंसी के हाथ लगे फॉरेंसिक सबूत यह दर्शाते हैं कि इस कोडिंग नेटवर्क के जरिए ही अफसरों तक नकद रकम सुरक्षित पहुंचाई जाती थी। यह एक सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था ताकि किसी को शक न हो।

अधिकारियों के विदेशी दौरों का खर्च और कोडवर्ड

इस पूरे नेटवर्क में सिर्फ निचले कर्मचारी ही नहीं, बल्कि बड़े अधिकारी भी शामिल थे और उन्हें उपकृत किया जा रहा था। डिजिटल सबूतों से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रिशु श्री कुछ सीनियर अफसरों की विदेश यात्राओं का पूरा खर्च उठा रहा था। इन अफसरों के वीजा और हवाई टिकट का भुगतान करने के लिए हवाला नेटवर्क का सहारा लिया गया था, जिससे पैसे का स्रोत छुपाया जा सके।

यह भी पढ़ें:  Bihar Coaching News: अब 'रैंक-1 हमारा ही था'...' बोलने पर भी फंसेंगे कोचिंग वाले, 100% गारंटी वाले गुरुजी सावधान, बिहार सरकार का आया नया फरमान, पढ़िए जाग जाइए

इसके बदले में रिशु श्री की कंपनियों को बिना किसी रुकावट के करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट्स पास कर दिए जाते थे। यहां तक कि एक इंजीनियरिंग कॉलेज का काम पूरा होने का फर्जी सर्टिफिकेट (कम्प्लीशन सर्टिफिकेट) लेने के लिए भी सवा लाख रुपये की घूस दी गई थी। यह साफ तौर पर दर्शाता है कि भ्रष्टाचार किस हद तक फैला हुआ था।

यह भी पढ़ें:  Patna Health News: बड़ी राहत! टेली-मानस मोबाइल एप्लिकेशन और टोल-फ्री हेल्पलाइन 14416 लॉन्च, अब 24 घंटे मिलेगी मानसिक स्वास्थ्य मदद, ऐसे उठाएं लाभ

जांच का दायरा बढ़ा, कई विभागों पर निगाह

बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मुमुक्षु चौधरी के बयानों ने इस मामले में और भी खुलासे किए हैं। मुमुक्षु चौधरी ने स्वीकार किया है कि सीतामढ़ी का अतिरिक्त प्रभार पाने के लिए रिशु श्री ने बड़े अफसरों को 25 लाख रुपये भिजवाए थे। ईडी और एसवीयू अब मुमुक्षु चौधरी के पुराने दफ्तरों पर भी कड़ी नजर रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में पटना नगर निगम, सीतामढ़ी और मधुबनी के दफ्तरों में भी जांच टीम पहुंच सकती है, जिससे इस घोटाले का दायरा और बढ़ सकता है।

यह भी पढ़ें:  Bihar Revenue News: हड़कंप! बिहार में आठ CO समेत 23 अफसरों पर गिरी गाज! देखें जिलावार पूरी लिस्ट, कौन कहां फंसे?

इस घोटाले में हर स्तर पर कमीशन तय था। साइट का निरीक्षण करने वाले इंजीनियरों के लिए कुल प्रोजेक्ट राशि का एक प्रतिशत हिस्सा पहले से ही तय रहता था। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित भ्रष्टाचार का मामला है। एसवीयू अब इस मामले में आर-पार के मूड में दिखाई दे रही है।

आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

जांच टीम ने तय किया है कि संदेहास्पद विभागों में साल 2018 से लेकर साल 2024 तक जितने भी टेंडर पास हुए हैं, उन सबकी दोबारा स्क्रूटनी की जाएगी। इन छह सालों में टेंडर किस ठेकेदार को मिला, उसकी कुल राशि कितनी थी और जमीन पर वास्तव में कितना काम हुआ, इन सभी बिंदुओं की गहराई से जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित विभागों की फाइलें और डिजिटल रिकॉर्ड तुरंत जब्त किए जाएंगे, जिससे इस बड़े घोटाले से जुड़े सभी दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Uttar Pradesh Samajwadi Party News: सपा में अखिलेश यादव का चौंकाने वाला फैसला, 2027 चुनाव से पहले आलोक रंजन!

सपा ने 2027 के यूपी चुनाव के लिए अपनी रणनीति बदली है। अखिलेश यादव ने I-PAC को हटाकर पूर्व IAS आलोक रंजन के नेतृत्व में नई टीम बनाई और चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़#UttarPradeshPolitics,#SamajwadiParty,#UPElection2027

Patna Khan Sir News: खान सर विवाद में चौंकाने वाला खुलासा! वायरल वीडियो ने पलटा पूरा मामला, पुलिस ने उठाये दो लोग

खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए विवाद में एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें गोलीबारी को लेकर चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया ह#PatnaNews,#KhanSir,#CoachingControversy

Bihar Transport News: बड़ा फैसला! बिहार में परिवहन का नया युग: 349 नई बसें और EV क्रांति से मिलेगी राहत, यात्रा होगी आसान

बिहार सरकार ने परिवहन नेटवर्क में बड़ा विस्तार किया है। 149 नई एसी इंटर-स्टेट बसें और 200 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। नई ईवी नीति के तहत सब्सिडी और चार्जिंग स्टेशन#BiharTransport,#ElectricBuses,#BiharGovt

Patna Degree College News: बड़ा बदलाव! पटना के 7 ग्रामीण प्रखंडों में खुलेंगे डिग्री कॉलेज, छात्रों को मिली बड़ी राहत

पटना जिले में ग्रामीण उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब 7 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे 1 जुलाई से छात्रों को अपने ग#PatnaNews,#DegreeCollege,#RuralEducation