
बिहार का अगला Bihar CM कौन? विजय सिन्हा के नाम पर संघ की मुहर या BJP खेलेगी EBC कार्ड, JDU में भी हलचल तेज!
Bihar CM: पटना की सियासी गलियों में इन दिनों एक ही सवाल गूंज रहा है – नीतीश कुमार के बाद कौन? हवा में तैरती अटकलों के बीच कई नाम सामने आ रहे हैं, जिसने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
संघ के भरोसेमंद विजय सिन्हा का दावा क्यों है मजबूत?
मुख्यमंत्री पद की रेस में उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का नाम प्रमुखता से चल रहा है। श्री सिन्हा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एक निष्ठावान और भरोसेमंद नेता माना जाता है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत संघ के माध्यम से ही की थी, जिसके कारण उन्हें पार्टी का एक जमीनी और मूल कार्यकर्ता समझा जाता है। उनका राजनीतिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है। वे वर्ष 2010 से लगातार लखीसराय विधानसभा सीट से जीतते आ रहे हैं, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
विजय सिन्हा बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और बाद में नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में, वे उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं और अपनी सख्त प्रशासक की छवि के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, उनकी भूमिहार जाति से होना कुछ राजनीतिक विश्लेषकों के लिए एक चुनौती का विषय है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले कई दशकों से बिहार की राजनीति पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के सामाजिक समीकरणों के इर्द-गिर्द ही केंद्रित रही है।
क्या चौंकाएगा BJP का EBC कार्ड?
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी जोरदार चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसी अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के नेता को मुख्यमंत्री बनाकर सबको हैरान कर सकती है। इस अटकल को तब और बल मिला जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पटना दौरे के दौरान कुछ अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विधायकों से मुलाकात की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कदम को भाजपा के उस सोशल इंजीनियरिंग के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसका लक्ष्य बिहार के सबसे बड़े वोट बैंक को साधना है।
यह कदम न केवल सामाजिक समीकरणों को संतुलित करेगा, बल्कि विपक्ष के जातीय जनगणना के दांव का भी एक प्रभावी जवाब हो सकता है। यदि भाजपा यह फैसला लेती है, तो यह बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
JDU में भी generational shift के संकेत
दूसरी तरफ, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर भी भविष्य की रणनीति को लेकर मंथन चल रहा है। ऐसी चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति से थोड़ी दूरी बना सकते हैं और पार्टी तथा संगठन की कमान अपनी अगली पीढ़ी को सौंप सकते हैं। इस संदर्भ में उनके बेटे निशांत कुमार का नाम सामने आ रहा है। निशांत अब तक सीधे तौर पर राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन 2025 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनकी सक्रियता बढ़ी है।
इसके अतिरिक्त, जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी भी एक महत्वपूर्ण चेहरे के रूप में उभरे हैं। उन्हें नीतीश कुमार का सबसे करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों का सफलतापूर्वक संचालन किया है और अपनी शांत व संतुलित कार्यशैली के कारण वे सरकार और पार्टी दोनों में काफी প্রভাবশালী माने जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अगला Bihar CM कौन, रामनवमी से पहले फैसला संभव
बिहार में आने वाले दिन बड़े राजनीतिक बदलावों के गवाह बन सकते हैं। मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की शीर्ष नेतृत्व की बैठक में ही लिया जाएगा। लेकिन, सूत्रों के अनुसार यह लगभग तय है कि रामनवमी से पहले राज्य में नई सरकार का गठन हो सकता है। इस संभावित फेरबदल के साथ ही बिहार को एक नया मुख्यमंत्री मिलने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।







