
पशु तस्करी: बिहार की सरजमीं पर अपराधियों की हर चाल को नाकाम कर रही पुलिस की मुस्तैदी एक बार फिर रंग लाई। अंधेरे में हो रही पशुओं की इस अवैध हेराफेरी पर जोकीहाट पुलिस ने शिकंजा कसा और एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया।
चरघरिया चौक पर धर दबोचा पशु तस्करी का बड़ा जाल
अररिया। शनिवार को अररिया-किशनगंज नेशनल हाईवे 327 ई पर स्थित चरघरिया चौक के निकट जोकीहाट पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने तस्करी के लिए ले जा रहे 22 मवेशियों से लदे एक ट्रक को जब्त किया। इस दौरान ट्रक चालक सहित तीन तस्करों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। ये सभी मवेशी बंगाल की ओर ले जाए जा रहे थे। ट्रक पर 14 गाय और 8 बछड़े लदे हुए थे।
पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश कर रहे इन तस्करों को घेरकर पकड़ लिया गया। आवश्यक पूछताछ के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में अररिया भेज दिया गया। वहीं, जब्त किए गए सभी गाय और बछड़ों का मेडिकल परीक्षण करवाने के बाद बलुआ के एक व्यक्ति को जिम्मेनामा पर सौंप दिया गया है। यह कार्रवाई दिखाती है कि कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अवैध व्यापार का हिस्सा है जिसमें पशुओं को क्रूरतापूर्ण तरीके से एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाया जाता है।
फरार होने की कोशिश में पकड़े गए पशु तस्करी के मास्टरमाइंड
थानाध्यक्ष राजीव कुमार झा ने जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए तस्करों में से दो वैशाली जिले के बिदुपुर बाजार थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि एक असम के बारपेटा का रहने वाला है। इनमें बिदुपुर बाजार थाना क्षेत्र के वाजिदपुर मलाही, वार्ड नंबर बारह का चालक जयप्रकाश सिंह (पुत्र धनपत सिंह), सैदपुर गणेश, वार्ड नंबर नौ का राजगीर कुमार (पुत्र विश्वेश्वर राय) और असम के थाना बरपेटा रोड, जिला बारपेटा के कैराबाड़ी कलाभंगा निवासी सैयद अली (पुत्र तुराप अली) शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि ट्रक संख्या एएस 01 एससी 1539 पर गायों को बेहद क्रूरतापूर्ण ढंग से बांधकर अररिया से बंगाल की ओर ले जाया जा रहा था। जब वाहन चालक से पशु परिवहन अनुमति पत्र और पशु क्रय रसीद उपलब्ध कराने के लिए कहा गया, तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। साथ ही, मौके पर कोई भी मवेशियों का दावेदार उपस्थित नहीं हुआ। यह खबर आप तक पहुंचाई है देशज टाइम्स बिहार का N0.1 न्यूज पोर्टल ने।
ट्रक में 14 दुधारू गाय और 8 छोटे बछड़े लदे हुए थे। सभी पशुओं को ट्रक में अमानवीय और असंवेदनशील तरीके से बांधा गया था, जो पशु अत्याचार अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, वाहन पर उसकी क्षमता से कहीं अधिक पशु लादे गए थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (https://deshajtimes.com/news/national/)। इस मामले में सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार पासवान के लिखित आवेदन पर केस दर्ज किया गया है। सूत्रों का मानना है कि हाईवे 327 ई पर पशु तस्करों की सक्रियता एक गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि, एसपी जितेंद्र कुमार के कड़े तेवर और लगातार निगरानी के कारण इन तस्करों के बीच हड़कंप मचा है और इस तरह के अवैध धंधे पर आंशिक रोक लगी है। इसके बावजूद, पशु तस्करी पर पूर्णतः लगाम लगाना अभी भी एक चुनौती बना हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस प्रशासन लगातार ऐसे अवैध व्यापार के खिलाफ अभियान चला रहा है ताकि पशु क्रूरता और कानून के उल्लंघन को रोका जा सके। गिरफ्तार किए गए सभी तस्करों को आवश्यक पूछताछ के बाद शनिवार को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया।


