
Delhi Metro Expansion: रविवार का दिन दिल्ली के लिए नई रफ्तार लेकर आया, जब प्रधानमंत्री मोदी ने राजधानी के विकास को नई दिशा देते हुए हजारों करोड़ की परियोजनाओं का तोहफा दिया। यह तोहफा सिर्फ ईंट-पत्थर का नहीं, बल्कि लाखों लोगों के सपनों और उनकी सुगम यात्रा का मार्ग प्रशस्त करने वाला है।
दिल्ली मेट्रो एक्सपेंशन: PM मोदी ने दिया राजधानी को 33,500 करोड़ का तोहफा, बंगाल सरकार पर भी बरसे
दिल्ली मेट्रो एक्सपेंशन: राजधानी को मिली नई रफ्तार
Delhi Metro Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्लीवासियों को 33,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का अभूतपूर्व उपहार दिया। उन्होंने दिल्ली मेट्रो की पिंक और मजेंटा लाइन के नए खंडों का उद्घाटन किया, जिससे शहर की कनेक्टिविटी और मजबूत हुई। इसके साथ ही, राजधानी में तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी गई, जो दिल्ली की जीवनरेखा कहे जाने वाले मेट्रो नेटवर्क को और व्यापक बनाएगी। इस विस्तार से बुराड़ी, यमुना विहार, खजूरी खास और वजीराबाद जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए यात्रा अब कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
एक ओर जहां राजधानी को विकास की सौगात मिली, वहीं प्रधानमंत्री ने इसी मंच से पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका निशाना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान हुए राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद पर था।
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में हुए राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन एक नारी का घोर अपमान बताया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह केवल राष्ट्रपति का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
राष्ट्रपति के अपमान पर प्रधानमंत्री का तीखा प्रहार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू संथाल आदिवासी परंपरा के एक पवित्र उत्सव में शामिल होने बंगाल गई थीं, लेकिन राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘पश्चिम बंगाल की जनता और देश का आदिवासी समाज इस अपमान के लिए टीएमसी को कभी माफ नहीं करेगा। एक नारी और देश के सर्वोच्च पद पर बैठी हस्ती के साथ ऐसा व्यवहार बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर होता है और उसकी पवित्रता हर हाल में बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति और आदिवासी समुदाय इस घटना से बेहद निराश हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनके अनुसार, जिस तरह से बंगाल सरकार ने संथाल संस्कृति के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के प्रति लापरवाही दिखाई, वह देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



