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मार्च, 11, 2026
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Delhi Liquor Policy Case: High Court का बड़ा फैसला, केजरीवाल समेत 23 आरोपियों के आरोप मुक्त आदेश पर CBI को मिली राहत

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Delhi Liquor Policy Case: सियासी गलियारों में हड़कंप मचाने वाले आबकारी घोटाले पर कानूनी जंग तेज हो गई है। न्याय के गलियारे में एक और महत्वपूर्ण मोड़ आया है, जिसने कई समीकरण बदल दिए हैं।

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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त करने के ट्रायल कोर्ट के निर्णय के खिलाफ दायर अपील याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। उच्च न्यायालय ने मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का निर्देश देने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह फैसला सीबीआई के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।

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Delhi Liquor Policy Case: ट्रायल कोर्ट के फैसले पर हाई कोर्ट की रोक

ट्रायल कोर्ट ने अपने निर्णय में सभी आरोपियों को आबकारी घोटाले से संबंधित आरोपों से बरी कर दिया था, जिसे सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। सीबीआई का तर्क था कि ट्रायल कोर्ट का फैसला तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के विपरीत है, और इसमें जांच एजेंसी की भूमिका को गलत तरीके से पेश किया गया है। कोर्ट ने सीबीआई की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए, ट्रायल कोर्ट के उस विशेष आदेश पर रोक लगाई है जो जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का निर्देश देता था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह शराब नीति मामला राजनीतिक हलकों में हमेशा से ही गरमाया रहा है।

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सीबीआई अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश पर रोक

यह निर्देश ट्रायल कोर्ट द्वारा सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर कुछ गंभीर टिप्पणियों के बाद दिया गया था। हाई कोर्ट के इस कदम से सीबीआई के अधिकारियों को नैतिक बल मिला है, क्योंकि इससे उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा पर संभावित दाग से बचाव हुआ है। उच्च न्यायालय ने अब सीबीआई की अपील पर सुनवाई जारी रखने का संकेत दिया है, जिसका अर्थ है कि मुख्य मामले की सुनवाई अभी बाकी है।

पूरे मामले का घटनाक्रम

यह पूरा मामला दिल्ली की नई आबकारी नीति के लागू होने के बाद सामने आया था, जिसमें कथित तौर पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। सीबीआई ने इस मामले में कई गिरफ्तारियां की थीं और आरोप पत्र भी दाखिल किए थे। ट्रायल कोर्ट ने हालांकि, सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में खूब हलचल हुई थी।

सीबीआई ने अपनी अपील में हाई कोर्ट से आग्रह किया है कि वह ट्रायल कोर्ट के आरोपमुक्त करने के आदेश को रद्द करे और मामले की फिर से सुनवाई का निर्देश दे। एजेंसी ने अपनी जांच को सही ठहराया है और कहा है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

आगे क्या होगा?

हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्य अपील याचिका पर सुनवाई के दौरान क्या नए तथ्य सामने आते हैं। जांच अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश पर रोक लगाने से सीबीआई को अपनी अपील मजबूती से रखने का मौका मिलेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें इस मामले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर दिल्ली की राजनीति पर हो सकता है और पूरे शराब नीति मामले की गहराई से जांच जारी है। न्यायपालिका का यह कदम मामले को एक नई दिशा देगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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