
Madhubani News: कानून के लंबे हाथ आखिरकर मुजरिमों के गिरेबान तक पहुंच ही गए। मधुबनी कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में हत्या के एक संगीन मामले में पांच दोषियों को उनके किए की सजा सुना दी है, जिससे न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा और भी मजबूत हुआ है।
यह पूरा मामला पंडौल थाना कांड संख्या-81/22 से जुड़ा हुआ है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-V, मधुबनी की अदालत ने प्रभावी अनुसंधान और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। मुख्य आरोपी रंजीत पासवान को धारा-302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, चार अन्य दोषियों को भी कठोर कारावास की सजा मिली है।
Madhubani News: जानिए किन-किन दोषियों को मिली सजा
अदालत ने अपने फैसले में मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक मो. आरिफ खान ने अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत दलीलें पेश कीं, जिसके परिणामस्वरूप यह फैसला आया। सजा पाने वालों का विवरण इस प्रकार है:
- रंजीत पासवान, पिता-शिवनाथ पासवान: धारा-302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास।
- संजीत पासवान, पिता-शिवनाथ पासवान: धारा-307 (हत्या का प्रयास) में 10 वर्ष की कारावास एवं 10,000 रुपये का अर्थदंड।
- शिवनाथ पासवान, पिता-सूरज पासवान: धारा-307 में 10 वर्ष की कारावास एवं 10,000 रुपये का अर्थदंड।
- सुखदेव पासवान, पिता-सूरज पासवान: धारा-307 में 10 वर्ष की कारावास एवं 10,000 रुपये का अर्थदंड।
- शंकर पासवान, पिता-सुखदेव पासवान: धारा-307 में 10 वर्ष की कारावास एवं 10,000 रुपये का अर्थदंड।
ये सभी दोषी साकिन-भीद्दी, थाना-पंडौल, जिला-मधुबनी के निवासी हैं। अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया है।
अदालत का फैसला बना नजीर
इस महत्वपूर्ण मामले में पुलिस के द्वारा किया गया सटीक अनुसंधान और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी रंग लाई। इस फैसले को इलाके में एक नजीर के तौर पर देखा जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे न केवल अपराधियों के मन में कानून का भय बढ़ेगा, बल्कि समाज में शांति और सुरक्षा का माहौल भी स्थापित होगा। कोर्ट के इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें उनके किए की सजा मिलकर रहेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह फैसला उन लोगों के लिए एक सबक है जो कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं। इस आजीवन कारावास के फैसले की चर्चा पूरे जिले में हो रही है और लोग न्यायपालिका की सराहना कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






