
Gurugram Wall Collapse: ज़िंदगी की तलाश में दूर शहर आए इन मज़दूरों को शायद पता नहीं था कि एक पल में मौत का तांडव उन्हें अपने आगोश में ले लेगा। एक निर्माणाधीन दीवार गिरी और कई घरों के चिराग बुझ गए।
गुरुग्राम वॉल कोलैप्स: मौत का मलबा, सात मज़दूरों की दर्दनाक मौत से पसरा मातम
गुरुग्राम वॉल कोलैप्स: सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी में कैसे हुआ हादसा?
हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सिधरावली इलाके में स्थित सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। सोमवार देर शाम एक निर्माणाधीन दीवार ढह जाने से कम से कम सात मज़दूरों की दर्दनाक मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को इस भयावह हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि करीब 12 से 15 मज़दूर मलबे के नीचे दब गए थे। आनन-फानन में उन्हें भिवाड़ी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने सात को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में से छह की पहचान सतीश, भागीरथ, मिलन, शिव शंकर, मंगल और परमेश्वर के रूप में हुई है, जबकि छोटेलाल, दीनदयाल, शिवकांत और इंद्रजीत गंभीर रूप से घायल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस और जांचकर्ताओं के अनुसार, यह भयानक निर्माण स्थल हादसा एक आगामी आवासीय परियोजना के परिसर में हुआ, जहाँ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार शाम लगभग 7:30 से 8:00 बजे के बीच बेसमेंट में खुदाई के दौरान सुरक्षा के लिए बनाई गई कंक्रीट की दीवार अचानक ढह गई। दीवार ढहते ही भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा नीचे काम कर रहे मज़दूरों पर आ गिरा। मानेसर के डीसीपी दीपक कुमार जेवरिया ने बताया कि पुलिस को रात 9:15 बजे अस्पताल से इस घटना की सूचना मिली, जब वहाँ सात मौतों की पुष्टि हो चुकी थी। मृतकों में से छह की पहचान सतीश, भागीरथ, मिलन, शिव शंकर, मंगल और परमेश्वर के रूप में हुई है, जबकि चार अन्य – छोटेलाल, दीनदयाल, शिवकांत और इंद्रजीत की हालत गंभीर है
युद्ध स्तर पर जारी है बचाव कार्य
हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आई। वर्तमान में दुर्घटनास्थल पर युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नागरिक सुरक्षा (Civil Defence), अग्निशमन विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं। जीवित बचे मज़दूरों और ठेकेदारों के अनुसार, अभी भी 10 से अधिक मज़दूरों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। डीसीपी जेवरिया ने इस बात पर जोर दिया कि यह घटना गुरुग्राम-रेवाड़ी सीमा के करीब हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए हैं ताकि बचाव कार्यों की तेज़ी से निगरानी की जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जेवरिया ने आगे बताया कि सिविल डिफेंस, बचाव कर्मी, अग्निशमन दल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण स्थल पर काम कर रहे ठेकेदार ने भी तत्काल भारी अर्थ मूवर्स लगाए थे, जिससे लगभग दस मज़दूरों को मलबे से बाहर निकाला जा सका। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जांचकर्ताओं का कहना है कि मरने वाले सभी मज़दूरों की पहचान अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटनास्थल पर हाई मास्ट लाइट और अन्य आवश्यक उपकरण लगाए गए हैं, और खबर लिखे जाने तक बचाव अभियान जारी था। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यदि मृतकों या घायलों के परिजनों से कोई शिकायत मिलती है, तो संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।


