
नेपाल रिंग रोड: नेपाल को लेकर चीन का दिल एक बार फिर बड़ा हुआ है। काठमांडू की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए ड्रैगन ने बड़ी मदद का ऐलान किया है। चीन सरकार नेपाल के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में से एक के लिए 687 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अनुदान दे रही है, जिससे काठमांडू की कनेक्टिविटी सुधरेगी।
नेपाल में बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद चीन के साथ यह पहला बड़ा समझौता है। चीन काठमांडू के नेपाल रिंग रोड के निर्माण के लिए 1100 करोड़ नेपाली रुपये (लगभग 687 करोड़ भारतीय रुपये) का अनुदान देगा। इस महत्वपूर्ण समझौते पर नेपाल के भौतिक अवसंरचना, परिवहन एवं शहरी विकास मंत्री सुनील लम्साल और चीन के राजदूत झेंग मोमिंग ने बुधवार को हस्ताक्षर किए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
काठमांडू के नेपाल रिंग रोड का दूसरा चरण: 8.2 किलोमीटर सड़क का निर्माण
समझौते के अनुसार, रिंग रोड विस्तार के दूसरे चरण में काठमांडू के कलंकी से वसुंधरा तक 8.2 किलोमीटर लंबी सड़क और पुल का निर्माण किया जाएगा। चीन सरकार इसके लिए करीब 1100 करोड़ नेपाली रुपये की अनुदान सहायता उपलब्ध कराएगी। इससे पहले, वर्ष 2019 से शुरू हुए पहले चरण में कोटेश्वर से कलंकी तक सड़क विस्तार का कार्य पूरा हो चुका है।
नेपाल के बुनियादी ढांचा विकास में चीन की भूमिका
समझौते के बाद मंत्री सुनील लम्साल ने मीडिया को बताया कि परियोजना के कार्यान्वयन के दौरान यदि कोई समस्या आती है, तो उसे एक दिन के भीतर समाधान करते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर-दक्षिण संपर्क सड़क निर्माण सरकार की प्राथमिकता में है और नेपाल के बुनियादी ढांचा विकास में चीन सरकार से और अधिक निवेश की अपेक्षा है।
वहीं, चीनी राजदूत झेंग ने कहा कि यदि उपयुक्त निवेश वातावरण तैयार किया जाए तो चीन के कई निवेशक नेपाल में निवेश करने के इच्छुक हैं। यह परियोजना न केवल काठमांडू में यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि नेपाल के समग्र बुनियादी ढांचा को मजबूती प्रदान करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यह परियोजना नेपाल के आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







