
Mahaviri Jhanda: आस्था का सैलाब जब सड़कों पर उतरता है, तो पूरा माहौल भक्ति के रंग में सराबोर हो जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा दरभंगा के कमतौल स्थित करवा गांव में देखने को मिला, जहां चार दिवसीय महावीरी झंडोत्सव का भव्य आगाज़ हुआ।
Karwa में Mahaviri Jhanda की धूम, 451 कन्याओं की कलश यात्रा से गूंजा इलाका, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
Karwa में Mahaviri Jhanda उत्सव का भव्य शुभारंभ
मंगलवार को इस चार दिवसीय झंडोत्सव की शुरुआत 451 कुंवारी कन्याओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुई। गाजे-बाजे और जयकारों के साथ यह यात्रा झंडा स्थल से शुरू होकर मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड स्थित शाहपुर गांव तक पहुंची। वहां खिरोई नदी से पवित्र जल कलश में भरकर सभी कन्याएं वापस करवा रामजानकी मंदिर लौटीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सभी कलशों को झंडा स्थल पर स्थापित किया गया, जिसके बाद मुख्य अनुष्ठान प्रारंभ हुआ।
इस भव्य कलश शोभायात्रा के दौरान पूरा गांव भक्ति के सागर में गोते लगा रहा था। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिला श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे गांव की गलियां आस्था के जयकारों से गूंज उठीं।
सुरक्षा और शांति के चाक-चौबंद इंतजाम
कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मौके पर एसडीपीओ सदर टू शुभेन्द्र कुमार सुमन, बीडीओ मनोज कुमार, और थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी सहित जाले थानाध्यक्ष संदीप पाल भी भारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
शांति व्यवस्था कायम रखने में स्थानीय लोगों की भूमिका भी सराहनीय रही। रामजानकी मंदिर के अध्यक्ष सैयद कमरुज्जमां उर्फ लाल साहब, झंडा कमिटी के अध्यक्ष भूषण यादव, सैयद तनवीर अनवर, सैयद एजाज अनवर, और मुखिया प्रतिनिधि रंजीत यादव समेत कई ग्रामीण स्वयंसेवकों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस आयोजन ने सामाजिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की।




