spot_img

DM-SSP से पहले ही मीटिंग में CM सम्राट ने कह दी दिल की बात…क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से ‘तौबा’

spot_img
- Advertisement -

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुर्सी संभालते ही सूबे की लचर कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बिहार में कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा। क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि आपराधिक घटनाओं में दोषियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए और 12-13 दिनों में ऐसी कार्रवाई दिखे, जिससे लोगों में सुशासन के प्रति विश्वास जगे।

- Advertisement -

गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में सभी डीएम और एसपी के साथ अपनी पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने नई सरकार की प्राथमिकताओं से भी अवगत कराया। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी सहित प्रशासन और पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -

अधिकारियों को कड़े निर्देश और जन-सुनवाई पर जोर

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाने और कानून-योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपराधी किसी भी तरह का दुस्साहस न करें, इसके लिए पुलिस मुस्तैदी से कार्य करे। अधिकारियों को लटकने-भटकने की प्रवृत्ति छोड़ने और जनता के सहयोगी की भूमिका में रहने को कहा। ‘पुलिस दीदी’ कॉन्सेप्ट को बेहतर ढंग से लागू करने का निर्देश दिया, ताकि बच्चियां सुरक्षित स्कूल आ-जा सकें।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Weather: अगले 7 दिन तूफान, बिजली और भारी बारिश का अलर्ट जारी, ऑरेंज और येलो जोन घोषित!

डीएम-एसपी को निर्देश दिया गया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर लोगों से मिलें और उनकी समस्याओं का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों से मिलने से जिले के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी और विकास कार्यो में सुविधा होगी। पंचायतों में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को ‘सहयोग शिविर’ लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर करने के भी निर्देश दिए गए।

बिहार में कानून-व्यवस्था: घुसपैठिये, रोजगार और विकास का विजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमलोगों की सरकार ने जाति आधारित गणना कराई थी। अब केंद्र सरकार द्वारा कराए जा रहे जनगणना के कार्य में सभी हाउस होल्ड को ठीक से चिह्नित किया जाए। कौन कहां से आया है और यहां का निवासी कैसे है, इसकी जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के निवासी किसी भी धर्म के लोगों को सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन अगर कोई घुसपैठिया है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, उसे बिहार से बाहर किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में कम-से-कम 50 डेस्टिनेशन स्पॉट चिह्नित कर उन्हें विकसित करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के लिए बिहार में कानून-व्यवस्था का पुख्ता होना आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई अप्रासंगिक कानूनों को रद्द किया गया है और प्रशासन को पारदर्शी एवं सुलभ बनाया गया है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों में बिहार विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। कानून-व्यवस्था, बिजली, सड़क सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति हुई है, जिसका लाभ राज्यवासियों को मिला है।

शराबबंदी और प्रशासनिक मुस्तैदी पर जोर

सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून लागू किया है। इसे पूरी तरह सफल बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इस अवैध धंधे को ध्वस्त करें। शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में पुलिस और प्रशासन के जो लोग संरक्षण प्रदान कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रखंड, अंचल और थाना स्तर पर मुख्यमंत्री कार्यालय प्रतिदिन रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा। सभी प्रखंड, अंचल और थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए। अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि शराबबंदी पूरी तरह लागू हो सके।

यह भी पढ़ें:  Bihar News: बिहार पुल मरम्मत: IIT पटना ने 9 पुलों को बताया खतरनाक, सरकार ने दिया तुरंत एक्शन का आदेश

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

  • क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से कोई समझौता नहीं।
  • बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
  • दोषियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार करें।
  • अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसके लिए पुलिस मुस्तैद रहे।
  • पंचायतों में माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया जाएगा।
यह भी पढ़ें:  बिहार में 'डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स' अनिवार्य: मरीजों को लंबी कतारों से मिलेगी मुक्ति, जानें कैसे?

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अगर अच्छा काम करते हैं तो जनप्रतिनिधियों के पास लोगों की समस्याओं से जुड़े मामले कम आते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा सुनिश्चित करेंगे।”

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Darbhanga Court: डकैती, अपहरण और आत्महत्या के मामलों में जमानत याचिकाएं खारिज

Darbhanga Court: दरभंगा में न्याय की चौखट पर कई आरोपियों को निराशा हाथ लगी...

Bhagalpur News: अकबरनगर में Water Supply Crisis एक हफ़्ते से पानी बंद, 200 घरों में हाहाकार, क्या है असल वजह?

Water Supply Crisis: अकबरनगर के वार्ड नंबर 10 में पिछले एक हफ्ते से बूंद-बूंद...

Bhagalpur News: भागलपुर Smack Drug Bust अकबरनगर में पुलिस का बड़ा एक्शन, 1 लाख की स्मैक के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार

Smack Drug Bust: बिहार के अकबरनगर में पुलिस ने एक बड़े ड्रग रैकेट का...