
Illegal Sand Mining: बिहार में अवैध बालू खनन का गोरखधंधा अब सिर्फ रेत तक सीमित नहीं रहा, इसकी जड़ें अब राजनीति और सत्ता के गलियारों तक पहुँच चुकी हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने इसी मकड़जाल पर बड़ी कार्रवाई की है, जिससे कई बड़े चेहरे बेनकाब हो रहे हैं।
Illegal Sand Mining: RJD के पूर्व विधायक अरुण यादव और पत्नी किरण देवी की मुश्किलें बढ़ीं
पटना। बिहार में अवैध बालू खनन का मकड़जाल दिनों-दिन गहराता जा रहा है, जिसकी परतें अब केंद्रीय जांच एजेंसियों के सामने खुल रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी कड़ी में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से जुड़े पूर्व विधायक अरुण यादव और उनकी पत्नी व वर्तमान विधायक किरण देवी सहित कई आरोपियों के खिलाफ पटना की विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह कार्रवाई बिहार में फैले बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) नेटवर्क का पर्दाफाश करती है, जिसकी जांच ED लंबे समय से कर रही थी। इस मामले में पहले भी कई बार ED ने छापेमारी की थी, जिसमें कई अहम दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े सबूत मिले थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सूत्रों के मुताबिक, ED ने अपनी चार्जशीट में विस्तृत जानकारी दी है कि कैसे अवैध बालू खनन से अर्जित की गई धनराशि को विभिन्न माध्यमों से सफेद किया जा रहा था। इसमें शेल कंपनियों के इस्तेमाल और बेनामी संपत्तियों में निवेश के कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इस पूरे गोरखधंधे में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है, जिसका सीधा संबंध राजनेताओं और उनसे जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों से है। किरण देवी, जो कि वर्तमान में विधायक हैं, उनके पति अरुण यादव पर भी अवैध खनन से जुड़े कई गंभीर आरोप पहले से लगे हुए हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। ED ने इस मामले में कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की है, जिनके नाम चार्जशीट में शामिल किए जा सकते हैं या भविष्य में उन पर भी कार्रवाई हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अवैध खनन से जुड़ा है बड़ा नेटवर्क, भविष्य में और भी खुलासे संभव
ED की यह कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार और संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि अवैध बालू खनन सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह एक संगठित गिरोह द्वारा चलाया जा रहा है जिसमें सरकारी अधिकारी, राजनेता और अपराधी शामिल हैं। इस पूरे प्रकरण से बिहार की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आने वाले समय में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं, ऐसी आशंका जताई जा रही है। ED का यह शिकंजा दिखाता है कि किसी भी कीमत पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों को बख्शा नहीं जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि कानून का राज स्थापित हो, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







