
Patna NEET Student Death: न्याय की चौखट पर उम्मीदों का चिराग जल रहा है, पर अंधेरा गहराता जा रहा है। एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला फिर अदालत के कठघरे में है, जहां CBI की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
Patna NEET Student Death मामला: CBI की जांच पर फिर उठे सवाल
पटना NEET Student Death मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को एक बार फिर जमानत नहीं मिल पाई है। पॉक्सो कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को उसकी कार्यप्रणाली को लेकर कड़ी फटकार लगाई और कई तीखे सवाल पूछे। यह घटना एक बार फिर उस बड़े सवाल को जन्म देती है कि आखिर एक साल से अधिक बीत जाने के बाद भी एक युवा छात्रा की मौत का रहस्य क्यों अनसुलझा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सूत्रों के मुताबिक, पॉक्सो कोर्ट ने CBI जांच की धीमी गति और तथ्यों को स्पष्ट न कर पाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने और जांच को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने में एजेंसी कहां चूक कर रही है। अदालत के इस रवैये से पीड़ित परिवार को जहां कुछ राहत मिली है, वहीं आरोपी मनीष रंजन के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
न्याय की धीमी चाल और सवालों के घेरे में एजेंसी
यह गौरतलब है कि पटना नीट छात्रा मौत का यह मामला पिछले कई महीनों से सुर्खियों में है। छात्रा की मौत के बाद से ही उसके परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार किया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसकी CBI जांच शुरू की गई थी, लेकिन अदालत की बार-बार की फटकार दर्शाती है कि इस CBI जांच में अभी भी कई पेंच फंसे हुए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है और CBI से अपेक्षा की है कि वह पुख्ता सबूतों के साथ पेश हो, ताकि इस संवेदनशील मामले में जल्द से जल्द न्याय हो सके।






