back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 11, 2026
spot_img

Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर जानिए माता शीतला के हाथों में मौजूद वस्तुओं का गूढ़ रहस्य

spot_img
- Advertisement -

Sheetala Ashtami: हिंदू धर्म में माता शीतला की उपासना का विशेष महत्व है, जो आरोग्य और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं। यह पर्व चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, जब भक्त माता की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं।

- Advertisement -

Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर जानिए माता शीतला के हाथों में मौजूद वस्तुओं का गूढ़ रहस्य

चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला Sheetala Ashtami का पर्व, माता शीतला को समर्पित है। यह दिन स्वास्थ्य और आरोग्य की देवी को प्रसन्न करने का विशेष अवसर होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भक्तगण माता की आराधना कर समस्त प्रकार के दैहिक कष्टों और रोगों से मुक्ति पाते हैं। आइए जानते हैं कि उनके हाथों में धारण की गई वस्तुएं क्या संदेश देती हैं।

- Advertisement -

Sheetala Ashtami: क्या है माता शीतला के प्रतीकों का महत्व?

माता शीतला के स्वरूप में झाड़ू, सूप, कलश और नीम का विशेष महत्व है, जो उनके भक्तों को स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश देते हैं। माता के हाथों में झाड़ू धारण करने का अर्थ है कि वे अपने भक्तों के जीवन से सभी प्रकार की गंदगी, नकारात्मकता और रोगों का निवारण करती हैं। यह स्वच्छता और पवित्रता का प्रतीक है, जो स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  महावीर जयंती 2026: जानिए भगवान महावीर के पंचशील सिद्धांत और उनका महत्व

सूप का महत्व भी कम नहीं है। माता सूप के माध्यम से अशुद्धियों को दूर कर शुद्धता का चयन करने का संकेत देती हैं, जैसे सूप अनाज से भूसे को अलग करता है। यह भी रोग निवारण और स्वास्थ्य लाभ से जुड़ा है, जहाँ अनावश्यक और हानिकारक तत्वों को जीवन से बाहर किया जाता है।

कलश, जिसे माता शीतला अपने एक हाथ में धारण करती हैं, शीतलता और संपन्नता का प्रतीक है। यह जीवन को शीतलता प्रदान करने और समृद्धि लाने का द्योतक है। कलश में भरा जल जीवनदायिनी शक्ति का प्रतीक है, जो सभी प्रकार की व्याधियों को शांत करता है।

नीम के पत्तों का महत्व आयुर्वेद में भी वर्णित है। माता शीतला के हाथों में नीम धारण करने का अर्थ है कि नीम अपने औषधीय गुणों के कारण कई प्रकार के संक्रमणों और बीमारियों से रक्षा करता है। यह प्रकृति की उस शक्ति का प्रतीक है, जो हमें स्वस्थ रहने में सहायता करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

माता शीतला की यह दिव्य झांकी हमें न केवल शारीरिक शुद्धि का महत्व समझाती है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक आरोग्य की ओर भी प्रेरित करती है। उनके पूजन से घर-परिवार में सुख-शांति और उत्तम स्वास्थ्य का वास होता है।

यह भी पढ़ें:  सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण: 2027 का अद्भुत Surya Grahan

इस प्रकार, शीतला अष्टमी का पावन पर्व हमें स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाने की प्रेरणा देता है। माता शीतला अपने भक्तों को सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति दिलाकर सुखमय जीवन का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Jamui News: Fish Farmer Scheme ने बदली मछुआरों की किस्मत, DM ने बांटे ई-रिक्शा और किट, बोले- अब बढ़ेगी आमदनी

Fish Farmer Scheme: जमुई की धरती पर नीली क्रांति को अब स्वावलंबन के पंख...

IGIMS Patna में सफल Robotic Surgery: अब AI करेगा ऑपरेशन, बिहार में स्वास्थ्य क्रांति की नई सुबह

Robotic Surgery: तकनीक के पंखों पर सवार होकर बिहार का स्वास्थ्य महकमा अब आसमान...

IPL 2026: आईपीएल 2026 का धमाकेदार आगाज, पहले 20 मैचों का पूरा शेड्यूल जारी!

IPL 2026: क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है! दुनिया की सबसे...

Kishanganj News: जीविका दीदियों ने चायपत्ती से लिखी सफलता की कहानी, अब ‘महानंदा’ ब्रांड से मिलेगी नई पहचान

Kishanganj News: किशनगंज की हवाओं में फैली चाय की महक अब सिर्फ ताजगी नहीं,...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें