
Fish Farmer Scheme: जमुई की धरती पर नीली क्रांति को अब स्वावलंबन के पंख लगने वाले हैं। सरकारी योजनाओं की स्याही जब जमीन पर उतरती है, तो तरक्की की ऐसी ही तस्वीरें बनती हैं, जहां मछुआरों के हाथ में अब सिर्फ जाल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की चाबी भी होगी।
Fish Farmer Scheme का उद्देश्य: स्वावलंबन की ओर एक मजबूत कदम
जमुई जिले के मत्स्य पालकों के जीवन में एक नया सवेरा लेकर आई इस योजना के तहत, जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार ने श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम के मैदान पर आयोजित एक भव्य समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और वहां मौजूद बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों को संबोधित किया। डीएम ने कहा कि ई-रिक्शा और किट वितरण का यह कार्यक्रम मत्स्य पालकों के स्वावलंबन को एक नया संबल प्रदान करेगा।
जिलाधिकारी ने लाभार्थियों से आग्रह किया कि वे इन आधुनिक उपकरणों का सही उपयोग करें ताकि मछली की बिक्री सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से हो सके, जिससे ग्राहकों का विश्वास भी बढ़ेगा। यह पहल मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अत्याधुनिक उपकरण उनके कार्यों को न केवल सुरक्षित और स्वच्छ बनाएंगे, बल्कि उनके मुनाफे को भी बढ़ाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पहल से मत्स्य पालन व्यवसाय को एक नई दिशा मिलेगी।
बाजार तक पहुंचेगी ताज़ी और स्वच्छ मछली
इस योजना के तहत वितरित किए गए ई-रिक्शा से मछुआरों को अपनी मछलियों को जल स्रोतों से सीधे बाजार तक ले जाने में बड़ी सुगमता होगी। इसके अलावा, सरकार द्वारा एक विशेष पैकेज के रूप में मत्स्य शिकार एवं विपणन किट भी प्रदान की गई, जिस पर शत-प्रतिशत अनुदान दिया गया है। इस किट में कई उपयोगी सामग्रियां शामिल हैं, जैसे:
- फेंका जाल
- गिल नेट
- हाँडी
- तराजू
- इंसुलेटेड आइस बॉक्स
डीएम नवीन कुमार ने बताया कि इन उपकरणों की मदद से, खासकर इंसुलेटेड आइस बॉक्स के जरिए, मछली को बाजार तक सुरक्षित और हाइजेनिक तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। इससे न केवल मछुआरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी ताज़ी और सुरक्षित मछली उचित मूल्य पर मिल सकेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने सभी लाभार्थियों को स्वच्छता के मानकों का पालन करने का भी संदेश दिया। इस अवसर पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. मेनका कुमारी समेत कई अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


