back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 12, 2026
spot_img

LPG Gas Cylinder Crisis: मोदी सरकार पर खरगे का हमला, प्रियंका-राहुल ने भी घेरा!

spot_img
- Advertisement -

LPG Gas Cylinder Crisis: तपती धूप में पानी के लिए मचे हाहाकार की तरह, देश में अब ऊर्जा संकट को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पश्चिम एशिया के युद्ध की तपिश भारत के रसोई घरों तक पहुंचने लगी है, और कांग्रेस ने इसे लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

- Advertisement -

LPG Gas Cylinder Crisis: विपक्ष का सरकार पर तीखा वार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उपजे गहरे ऊर्जा संकट से निपटने में मोदी सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह देश की कमी से जूझ रही जनता के सामने सच्चाई उजागर करने के लिए संसद में इस विषय पर व्यापक चर्चा करे। खरगे ने युद्ध की पूर्वसूचना के बावजूद सरकार की कथित अक्षमता पर सवाल उठाए और कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी जैसी बाधाओं के बीच भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रहा है। इसका सीधा असर कतर और अबू धाबी जैसे प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं से तेल, गैस और एलपीजी आयात पर पड़ा है।

- Advertisement -

खरगे ने इसके व्यापक प्रभावों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि किसान ईंधन और उर्वरक की कमी का सामना कर रहे हैं, जबकि एलपीजी सिलेंडरों की राशनिंग के कारण एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं। घरेलू सिलेंडरों के लिए 25 दिनों तक का इंतजार करना पड़ रहा है, और कालाबाजारी भी बढ़ गई है, जिससे कई रेस्तरां बंद हो रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश सीएम चंद्रबाबू नायडू के बजट पर जगन का तीखा प्रहार, 'आंकड़े भ्रामक, कर्ज का बोझ भारी'

इसके अलावा, खरगे ने बासमती चावल के 60,000 टन के निर्यात में रुकावट, गेहूं की शिपमेंट में व्यवधान और कच्चे माल की लागत में 30% की वृद्धि का भी जिक्र किया। इससे दवाओं की कीमतें बढ़ रही हैं, और कपड़ा, विमानन ईंधन, इस्पात, सिरेमिक, कांच, एफएमसीजी और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों पर भी दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने नोटबंदी और कोविड कुप्रबंधन के दौरान किए गए पिछले इन्कारों से इसकी तुलना की, जहां त्वरित समाधान के शुरुआती आश्वासन झूठे साबित हुए थे, और अब इसी तरह की महंगाई जनता की कमर तोड़ रही है।

प्रियंका गांधी वाड्रा और अलका लांबा ने संसद के बाहर इन्हीं चिंताओं को दोहराया। उन्होंने बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और खाना पकाने की गैस की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे सार्वजनिक बोझ के लिए भाजपा की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सदन में सार्थक चर्चा, एलपीजी की कीमतों में तत्काल कमी और तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका, खासकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, एपस्टीन फाइलों और अडानी मामलों के जरिए भारत की तेल नीति को प्रभावित कर रहे हैं। इन सवालों को उठाने पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात भी सामने आई है। विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट किया और लोकसभा में विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन विदेश मंत्री एस जयशंकर के सोमवार के उस बयान के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने फरवरी 2026 के अंत से संघर्ष बढ़ने के बीच तनाव कम करने, संवाद, क्षेत्र में एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार को प्राथमिकता देने की बात कही थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

संकट पर सरकार का बचाव और विपक्ष का पलटवार

जदयू सांसद संजय झा ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही बयान दे चुके हैं कि जिस तरह कोविड के दौरान, जब पूरी दुनिया में इतना बड़ा संकट आया और भारत ने टीके विकसित करके और अन्य देशों की मदद करके उस पर काबू पाया, उसी तरह मौजूदा युद्ध के दौरान भी प्रधानमंत्री ने कहा है कि न तो एलपीजी का संकट है और न ही पेट्रोल का। भारत सरकार स्थिति पर पूरी तरह नजर रख रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब प्रधानमंत्री ने खुद ऐसा बयान दिया है, तो देश को समझना चाहिए कि कोई संकट नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  Lok Sabha Speaker: लोकसभा अध्यक्ष पर अविश्वास प्रस्ताव, अमित शाह बोले - 'ये लोकतंत्र की पंचायत है, अध्यक्ष पर सवाल दुनिया में भारत की साख पर प्रश्नचिह्न'... पढ़िए लोकसभा स्पीकर पर विपक्ष के आरोपों की फेहरिस्त !

वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एलपीजी संकट की खबरों पर सरकार की बात को खारिज किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन वे खुद बिल्कुल अलग कारणों से घबराए हुए नजर आ रहे हैं।” राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आपने कल देखा कि सदन में प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली थी। वे देश को घबराने के लिए मना कर रहे हैं जबकि खुद चिंतित दिख रहे हैं। बढ़ती महंगाई को लेकर भी जनता में चिंता साफ झलक रही है।

यह भी पढ़ें:  India Oil Supply: युद्ध के साये में भी भारत की तेल और गैस आपूर्ति सुरक्षित, सरकार ने दिया भरोसा

राहुल गांधी देश भर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी की खबरों के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं में शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इस बीच, लोकसभा में ओम बिरला की आसन पर वापसी हो गई है। गुरुवार को जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो ओम बिरला आसन पर आए। सदन में हंगामा शुरू हो गया, इस पर ओम बिरला ने बोलना शुरू किया। जब उन्होंने बोलना शुरू किया, सदन में सन्नाटा छा गया। हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्य भी शांत हो गए। ओम बिरला ने विपक्ष से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की और कहा कि इसे इतना महत्वपूर्ण मानता हूं कि सदन में दो दिन हुई चर्चा पर धन्यवाद भी नहीं कह रहा। उन्होंने कहा कि वे 12 बजे इस पर बोलेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

UPSC Result 2025: फर्जी दावों से कैसे बचें? जानें पूरी सच्चाई

UPSC Result: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम हर...

Monalisa News: महाकुंभ गर्ल मोनालिसा की शादी पर हंगामा, क्या है पूरी सच्चाई?

Monalisa News: महाकुंभ गर्ल मोनालिसा ने परिवार के खिलाफ जाकर मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान से...

Energy Efficient AC: 3-स्टार या 5-स्टार, कौन बचाएगा आपका बिजली बिल?

Energy Efficient AC: गर्मी का मौसम आते ही एयर कंडीशनर (AC) की ज़रूरत बढ़...

Bihar Assistant Professor Recruitment: अब PhD की होगी 5-सूत्रीय जांच, 200 अंकों की परीक्षा से होगा चयन, जानें सहायक प्राध्यापक भर्ती के नए नियम

Bihar Assistant Professor Recruitment: बिहार के विश्वविद्यालयों की अकादमिक दुनिया में बदलाव की एक...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें