
Modi Government Policies: सियासत की बिसात पर जब वादों के हाथी-घोड़े ढाई घर चलने लगते हैं, तो जनता की चौसर पर आक्रोश के मोहरे सज ही जाते हैं। दरभंगा के कंसी सिंहवाड़ा में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कुछ ऐसा ही नजारा दिखा, जहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 24 मार्च को दिल्ली में होने वाली ‘जन आक्रोश’ रैली के लिए हुंकार भरी।
केंद्र की Modi Government Policies पर तीखा हमला
दरभंगा के कंसी सिंहवाड़ा स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल के मैदान में आयोजित जनसभा में CPI(M) के नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। सभा की अध्यक्षता करते हुए CPI(M) के जिला सचिव अविनाश कुमार ठाकुर मंटू ने रैली को सफल बनाने का आह्वान किया। इस मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और CPI(M) पोलित ब्यूरो के सदस्य डॉ. अशोक धवले ने कहा कि केंद्र सरकार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौता तत्काल रद्द करना चाहिए। उन्होंने इसे किसानों को लूटने और अमेरिका के सामने देश के आत्मसमर्पण का दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से कृषि, डेयरी, खाद्य सुरक्षा, देसी दवा उद्योग और घरेलू लघु उद्योगों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण देश की संपत्ति अडानी-अंबानी जैसे कॉर्पोरेट घरानों के हाथों में जा रही है।
डॉ. धवले ने आगे कहा कि केंद्र सरकार कंपनी राज के पक्ष में खुलकर काम कर रही है, जिससे यह पूरी तरह जनविरोधी साबित हो गई है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे केंद्र सरकार की इन्हीं नीतियों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में लाखों की संख्या में इकट्ठा होकर सरकार पर दबाव बनाएं।
‘कॉरपोरेट की गुलाम हैं सरकारें’
CPI(M) के राज्य सचिव ललन चौधरी ने बीज विधेयक और बिजली विधेयक 2025 को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बीज विधेयक के जरिए किसानों से बीज उगाने का अधिकार छीनकर कॉर्पोरेट को खुली लूट की छूट दी जा रही है। वहीं, बिजली संशोधन विधेयक से निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी, सब्सिडी खत्म होगी और कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में पड़ेंगी। बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार पिछले 20 वर्षों में पलायन रोकने और फैक्ट्री लगाने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही है। खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है, जिससे देश में 3 लाख से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इस बढ़ते किसान विरोध के बावजूद सरकारें चुप बैठी हैं।वहीं, CPI(M) जिला सचिव अविनाश कुमार ठाकुर मंटू ने चार नई श्रम संहिताओं को मजदूरों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने वाला कानून बताया। उन्होंने कहा कि इसके तहत हड़ताल करना गैरकानूनी होगा, संगठन बनाने का अधिकार छिन जाएगा और काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12-16 कर दिए जाएंगे। यह पूरी तरह से मजदूर विरोधी कानून है। उन्होंने दरभंगा एम्स के निर्माण की धीमी गति और अन्य स्थानीय मुद्दों जैसे बंद पड़े कारखानों को चालू करने और जल-जमाव की समस्या का भी जिक्र किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मनरेगा खत्म करने की साजिश
अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला मंत्री दिलीप भगत ने मनरेगा को खत्म करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस योजना को रद्द कर गरीबों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर रही है। मनरेगा में काम न मिलने पर हर्जाना पाने का अधिकार था और महिला मजदूरों की सुरक्षा की गारंटी थी, जिसे अब खत्म किया जा रहा है। उन्होंने नीतीश सरकार के ‘गरीब बसाओ अभियान’ को धोखा बताते हुए कहा कि इलाके के भूमिहीनों को संगठित कर जल्द ही भूमि मुक्ति आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने 24 मार्च की रैली में इलाके से हजारों लोगों के शामिल होने की अपील की। सभा को प्रोफेसर मनोज, सुधीर कांत मिश्रा, महेश दुबे, अनिल महाराज, मोहम्मद नदीम, गोपाल ठाकुर और बीना देवी समेत कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।






